ठाणे, 11 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस चोकलिंगम ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता लाने के लिए मतदाताओं की पूरी जानकारी जुटाना समय की आवश्यकता है तथा उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य इस मोर्चे पर कुछ हद तक पीछे है।
वह शुक्रवार को यहां आयोजित ‘विशेष गहन समीक्षा’ बैठक को संबोधित कर रहे थे।
शनिवार को ठाणे जिला प्रशासन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया, ‘मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता लाने के लिए मतदाता सूची की 100 प्रतिशत ‘मैपिंग’ समय की आवश्यकता है। प्रशासनिक व्यवस्था को 90 से 94 प्रतिशत के ‘जादुई आंकड़े’ को पार करने के लिए समर्पण के साथ काम करना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को लेकर सारी सूचनाएं जुटाने के मामले में महाराष्ट्र अन्य राज्यों से कुछ पीछे है तथा ठाणे व पालघर जैसे जिलों में इस मामले में तेजी से प्रगति किए जाने की आवश्यकता है।
त्रुटिरहित मतदाता सूची के लिए चुनावी आंकड़ों को अद्यतन करने के उद्देश्य से पूरे महाराष्ट्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इस महीने से शुरू होने वाला है।
सीईओ ने प्रौद्योगिकी और जमीनी स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया और बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) व चुनाव कर्मचारियों को घर-घर जाकर सत्यापन करने तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘जियो-टैग’ किए गए ‘फोटो वाले रिकॉर्ड’ रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, ‘मतदाताओं का पूर्व मतदाता सूची से मिलान करना और उनके मूल निवास स्थान का सत्यापन करना इस अभियान का आधार है।’ उन्होंने कहा कि अनुपलब्ध मतदाताओं के घरों के बाहर नोटिस चिपकाए जाने चाहिए और उनका दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए।
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शुभम माधव
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