नासिक, पांच अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को बताया कि अशोक खरात मामले में सीडीआर लीक होने की जांच कराई जाएगी। साथ ही, इस मामले में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु की संपत्तियों की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी जाएगी।
शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया द्वारा खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई बातचीत के खुलासे के बाद मचे बवाल के बीच फडणवीस ने कहा कि किसी को भी इस तरह के ‘कॉल डेटा रिकॉर्ड’ (सीडीआर) प्राप्त करने का अधिकार नहीं है।
अंजली दमानिया ने यह भी दावा किया कि उन्हें खरात से जुड़ा कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुआ था।
फडणवीस ने कहा, ‘‘अशोक खरात मामले में सीडीआर लीक होने की जांच की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) तक पहुंचने का अधिकार नहीं है, केवल अधिकृत एजेंसियां ही ऐसा कर सकती हैं। यह डेटा कैसे और किसने लीक किया, इसकी जांच राज्य सरकार करेगी।’’
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में मात्र आरोप पर्याप्त नहीं होते हैं और ठोस सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ईडी खरात की संपत्तियों की पृष्ठभूमि की जांच करेगी। खरात को एक महिला से तीन साल तक बलात्कार करने के आरोप में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
बाद की जांच में यौन उत्पीड़न और जमीन व अन्य संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं सहित कई अपराधों का खुलासा हुआ।
फडणवीस ने पत्रकारों को बताया कि ईडी ने मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘खरात के सभी खाते हमारे संज्ञान में आ गए हैं और उनके माध्यम से हुए लेन-देन की पहचान कर ली गई है। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी अवैध संपत्तियों और कुकृत्यों का पर्दाफाश होगा।’’
विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही जांच पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खरात के बारे में जानकारी देने के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आ रहे हैं क्योंकि ‘लोगों का विश्वास बढ़ रहा है’। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
फडणवीस ने कहा कि लोगों को एसआईटी पर भरोसा करना चाहिए जो बहुत अच्छा काम कर रही है।
भाषा संतोष रंजन
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