मुंबई, 27 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे सोमवार से मुंबई के आजाद मैदान में धरना शुरू करेंगे और तब तक उपवास जारी रखेंगे जब तक उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिल जाती।
साहिल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
वाकोडे ने रविवार को एक क्षेत्रीय चैनल से कहा, “मुझे परवाह नहीं है, भले ही मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मेरे बेटे को संवैधानिक रूप से न्याय मिलना चाहिए। यह छत्रपति शिवाजी, फुले, शाहू और आंबेडकर का राज्य है। मैं आजाद मैदान में धरना शुरू करूंगा। मैं न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।”
संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना मध्य-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
उसके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि संस्थान में उनके बेटे के साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया गया। उन्होंने बृहस्पतिवार को आजाद मैदान में भूख हड़ताल करके विरोध प्रदर्शन किया था।
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा आत्महत्या के लिए उकसाने के कथित मामले की जांच कर रही है।
आईआईटी मुंबई के बोर्ड ने इस हफ्ते की शुरुआत में वाकोडे की कथित आत्महत्या से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यों की एक समिति गठित की है।
भाषा
प्रशांत नेत्रपाल
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