भारत को पता था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को कैसे और कब खत्म करना है: पूर्व सेना प्रमुख नरवणे

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भारत को पता था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को कैसे और कब खत्म करना है: पूर्व सेना प्रमुख नरवणे

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 12:23 AM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 12:23 AM IST

(फोटो के साथ)

मुंबई, 12 मई (भाषा) पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारतीय सशस्त्र बलों के अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक स्पष्ट राजनीतिक-सैन्य उद्देश्य था और भारत जानता था कि मई 2025 में चार दिनों तक चले इस संघर्ष को कैसे और कब समाप्त करना है।

नरवणे ने दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से उचित जवाब दिया। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे।

मुंबई में ‘टेलीविजन जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ के पुरस्कार समारोह में पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि यह एक ‘‘दंडात्मक, सटीक और संतुलित’’ अभियान था।

नरवणे ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर का एक स्पष्ट राजनीतिक-सैन्य उद्देश्य था। हमें पता था कि संघर्ष को कैसे और कब समाप्त करना है।’’

भारत ने पिछले साल सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचों पर सटीक हवाई हमले किए गए जिसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए और अभियान के विस्तार के साथ-साथ पड़ोसी देश की हवाई संपत्ति को भी निशाना बनाया गया।

नरवणे ने कहा कि उनसे अक्सर पूछा जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों निलंबित कर दिया गया, जिस पर वह कहते हैं, ‘‘युद्ध कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध लड़ना कोई आसान काम नहीं है।

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘जब पाकिस्तान ने युद्धविराम का प्रस्ताव रखा, तब भी हमारे पास पर्याप्त ताकत थी और हम उसे और भी अधिक नुकसान पहुंचा सकते थे। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने संयम दिखाया। हमारे द्वारा दिखाए गए संयम ने विश्व में हमारे मान को बढ़ाया।’’

नरवणे ने कहा कि भारत को अब एक जिम्मेदार और स्थिर देश माना जाता है जो शांति की बात करता है लेकिन जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने से भी नहीं हिचकिचाता।

उन्होंने कहा, ‘‘यही अब हमारी पहचान है।’’

भाषा सुरभि संतोष

संतोष