रक्षा उत्पादन में आगे बढ़ रहा भारत; अब तक 2,920 उपकरण स्वदेशी: डीआईपी निदेशक

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रक्षा उत्पादन में आगे बढ़ रहा भारत; अब तक 2,920 उपकरण स्वदेशी: डीआईपी निदेशक

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  • Publish Date - January 31, 2024 / 08:50 PM IST,
    Updated On - January 31, 2024 / 08:50 PM IST

नागपुर, 31 जनवरी (भाषा) रक्षा उत्पादन विभाग के निदेशक (डीआईपी) अमित सतीजा ने बुधवार को कहा कि भारत रक्षा उत्पादन में ‘तेजी से और लगातार’ आगे बढ़ रहा है और अब तक 4,666 सूचीबद्ध उपकरणों में से 2,920 रक्षा उपकरणों का स्वदेशी निर्माण कर चुका है।

वह भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा नागपुर में आयोजित रक्षा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के राज्य-स्तरीय सम्मेलन में ‘रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई की भागीदारी को बढ़ाना’ विषय पर विचार व्यक्त कर रहे थे।

सतीजा ने कहा कि रक्षा मंत्रालय, विशेषकर रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा कई पहल की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘निर्माण, सह निर्माण कच्चा माल, महत्वपूर्ण पुर्जों और घटकों सहित 4,666 रक्षा उपकरणों में से 2,920 उपकरणों का पहले ही स्वदेशीकरण किया जा चुका है।’’

मेक-1 और मेक-2 श्रेणियों का उल्लेख करते हुए सतीजा ने कहा कि पात्रता मानदंड में छूट, न्यूनतम दस्तावेज़ीकरण समेत कई उद्योग-अनुकूल प्रावधान बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सेना, नौसेना और वायुसेना से संबंधित 102 परियोजनाओं को मेक-2 प्रक्रिया के तहत और 44 परियोजनाओं को मेक-1 श्रेणी के तहत सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। मेक-3 श्रेणी के तहत तीन परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।’’

सतीजा ने कहा कि रक्षा विभाग स्वदेशीकरण लक्ष्य की ओर तेजी से और स्थिर रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन में हर साल 40 से 50 लाइसेंस जारी किए जाते हैं।

‘मेक-1’ सरकार द्वारा वित्त-पोषित परियोजनाओं को संदर्भित करता है, जबकि ‘मेक-2’ उद्योग-वित्त पोषित कार्यक्रमों को कवर करता है। ‘मेक-3’ श्रेणी को आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश