महाराष्ट्र कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन की योजना की आलोचना की, इसे ध्यान भटकाने की चाल बताया

Ads

महाराष्ट्र कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन की योजना की आलोचना की, इसे ध्यान भटकाने की चाल बताया

  •  
  • Publish Date - July 22, 2026 / 04:50 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 04:50 PM IST

मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने उसके पार्टी कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदर्शन की योजना की आलोचना की और इसे ‘‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’’ बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि ये प्रदर्शन छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों से ध्यान भटकाने की एक चाल है।

पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि कथित प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘‘बहुत निर्ममता से हमले किए गए’’। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर कीलों जड़ी लाठियों से हमला किया गया, पुलिस ने पथराव किया, बिजली के झटके दिए, छात्राओं को थप्पड़ मारे गए, उनके कपड़े फाड़े गए और किराए के गुंडों का इस्तेमाल किया गया।

सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन सांसदों के संसद में जुटने के बीच दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर मार्च कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों पर संसद मार्ग पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजी।

सावंत ने दावा किया कि इस घटना ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की छवि धूमिल की है और केंद्र सरकार पर तानाशाही शासन जैसे दमनकारी तरीके अपनाने का आरोप लगाया।

इस मुद्दे पर जवाबदेही की मांग करते हुए सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस घटना के लिए देश और छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने वाले लोग ही ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकामी के लिए जिम्मेदार हैं। पार्टी ने कहा कि यह ‘‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’’ जैसा है और इसका मकसद छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों से ध्यान भटकाना है।

विपक्षी दल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराते हुए भाजपा के प्रदर्शन को ‘‘पाखंड’’ बताया और कहा कि देश को केंद्र से जवाबदेही चाहिए न कि भाजपा का ‘‘पाखंडपूर्ण प्रदर्शन’’।

मंगलवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके दिल्ली स्थित आवास के बाहर धरना देने वाले विपक्षी नेताओं को पुलिस ने जबरन हटा दिया। इन नेताओं में कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव शामिल थे।

इस बीच, भाजपा ने घोषणा की है कि वह प्रधानमंत्री आवास जैसी संवेदनशील जगह के पास राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध-प्रदर्शन करेगी।

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश