मुंबई, 16 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) नेता जयंत पाटिल ने कथित तौर पर बार-बार हो रहे परीक्षा पेपर लीक के मामलों में केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील की।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पाटिल ने वांगचुक को ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ बताते हुए कहा कि सरकार के जिम्मेदारी से काम नहीं करने के कारण उन्हें अपनी जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
पाटिल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बृहस्पतिवार को 59 वर्षीय वांगचुक के अनशन का 19वां दिन था।
उन्होंने कहा कि वांगचुक की ‘छोटी-सी मांग’ थी कि संबंधित मंत्री बार-बार हो रहे परीक्षा पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें और इस्तीफा दें क्योंकि इससे देशभर के अनगिनत युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
पाटिल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ऐसे गंभीर मामलों में न तो नैतिक और न ही वास्तविक जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘मैं उनसे ईमानदारी से अपील करता हूं कि वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लें और अपने स्वास्थ्य एवं जीवन की रक्षा करें।’
वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रदर्शन में 28 जून को शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
‘कॉजपा’ ने छह जून को राष्ट्रीय राजधानी में अपना पहला प्रदर्शन शुरू किया जो बाद में 20 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया।
‘कॉजपा’ ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है।
बृहस्पतिवार को पार्टी के विरोध प्रदर्शन का 27वां दिन है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश