मुंबई, 16 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि फिलहाल शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट के साथ विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से उनकी मुलाकात उनके लोकसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के संबंध में हुई थी।
तटकरे ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से एक दिन पहले मिलने का समय मांगा था, लेकिन भाजपा कोर कमेटी की बैठक के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
राकांपा नेता ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के साथ मेरी बैठक मेरे लोकसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर थी। वित्त विभाग से जुड़े मामलों सहित कई मुद्दों पर सरकार से चर्चा करनी है।’’
तटकरे, उनके वरिष्ठ सहयोगी प्रफुल्ल पटेल और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार देर रात फडणवीस से मुलाकात की थी, जिसके बाद राज्य में संभावित राजनीतिक पुनर्गठन की अटकलें लगने लगी थीं। हालांकि, राकांपा के दोनों गुटों के नेताओं ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अलग-अलग मुलाकात की थी।
तटकरे ने कहा, ‘जयंत पाटिल वरिष्ठ नेता, पूर्व वित्त मंत्री और अनुभवी राजनेता हैं। उन्होंने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से क्यों मुलाकात की। उनकी और मेरी मुलाकात का आपस में कोई संबंध नहीं है।’
उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल उसी रात विदेश रवाना होने वाले थे, इसलिए उन्होंने कुछ मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
तटकरे ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में राकांपा और राकांपा (शप) के विलय को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ गई थी, लेकिन राकांपा अध्यक्ष अजित पवार के निधन के बाद यह प्रक्रिया ठप हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘शरद पवार गुट के नेताओं ने स्वयं कहा है कि विलय पर बातचीत समाप्त हो चुकी है। फिलहाल हमारे सामने ऐसा कोई नया प्रस्ताव नहीं है। भविष्य में यदि ऐसा कोई प्रस्ताव आता है, तो उसपर हम अपना पक्ष रखेंगे।’’
तटकरे ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि परिसीमन विधेयक को शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट का कथित समर्थन भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ उसकी नजदीकी का संकेत है।
उन्होंने कहा, ‘किसी विधेयक का समर्थन करने का मतलब यह नहीं है कि कोई दल राजग में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय हित में संसद में कई विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुए हैं। किसी कानून का समर्थन करना और किसी गठबंधन का हिस्सा बनना दो अलग-अलग बातें हैं।’
तटकरे ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी में मतभेदों की खबरों को भी खारिज किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम राजनीतिक मर्यादा को समझते हैं। हम सभी आपसी सम्मान के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी के भीतर अविश्वास की बात मैं पहली बार सुन रहा हूं।’’
भाषा राखी सुरेश
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