ई20 ईंधन मामले में वाहन बदलने के उपभोक्ता आयोग के आदेश को चुनौती देगी मारुति

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ई20 ईंधन मामले में वाहन बदलने के उपभोक्ता आयोग के आदेश को चुनौती देगी मारुति

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 07:56 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) देश की प्रमुख कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (रायपुर) के उस आदेश को अदालत में चुनौती देगी, जिसमें कंपनी को एक ग्राहक के वाहन को 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल ( ई20) अनुकूल वाहन से बदलने का निर्देश दिया गया है। कंपनी ने इसके लिए ईंधन में मिलावट का हवाला दिया है।

मारुति सुजुकी इंडिया ने बयान में कहा कि इस मामले में शामिल कार पूरी तरह से ई20 अनुकूल (एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए उपयुक्त) थी और ग्राहक के वाहन से निकाले गए ईंधन में मिलावट के सबूत मिले हैं।

कंपनी ने कहा, ‘हमें जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, रायपुर के एक आदेश की जानकारी मिली है, जिसमें मारुति सुजुकी को ग्राहक के वाहन को एक नए ई20 अनुकूल वाहन से बदलने का निर्देश दिया गया है।’

मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि इस मामले में कार ई20 अनुकूल थी, जो ई20 ईंधन पर चलने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

कंपनी ने दावा किया, ‘ग्राहक के वाहन से एकत्र किए गए ईंधन में मिलावट के स्पष्ट सबूत हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रासंगिक तथ्यों को भी आदेश में शामिल नहीं किया गया है।’

बयान में कहा गया, ‘मारुति सुजुकी कानून के अनुसार, उचित उच्च मंच के समक्ष इस विवादित आदेश को चुनौती देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।’

कंपनी ने कहा कि वह मजबूत इंजीनियरिंग, प्रक्रियाओं और प्रणालियों के माध्यम से गुणवत्ता, सुरक्षा तथा ग्राहक संतुष्टि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

खबरों के मुताबिक, उपभोक्ता अदालत ने उस ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया था जिसने एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल के कारण इंजन में बार-बार खराबी आने की शिकायत की थी। अदालत ने मारुति सुजुकी को शिकायतकर्ता की ‘ग्रैंड विटारा’ कार को एक नए ई20 अनुकूल मॉडल से बदलने या खरीद की पूरी रकम वापस करने का निर्देश दिया था।

भाषा योगेश अजय

अजय