महाराष्ट्र: करोड़ों रुपये विदेश भेजने में मदद के लिए प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप में सीए पर मामला

महाराष्ट्र: करोड़ों रुपये विदेश भेजने में मदद के लिए प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप में सीए पर मामला

महाराष्ट्र: करोड़ों रुपये विदेश भेजने में मदद के लिए प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप में सीए पर मामला
Modified Date: August 22, 2026 / 07:56 pm IST
Published Date: August 22, 2026 7:56 pm IST

लातूर, 22 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के खिलाफ 16 फर्जी कंपनियों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये विदेश भेजने में मदद करने के लिए प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उदगीर शहर पुलिस थाने में शुक्रवार को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कथित लेनदेन करीब चार साल तक हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि आयकर विभाग की ओर से किए गए सर्वेक्षण के दौरान यह मामला सामने आया।

सर्वेक्षण में पाया गया कि आरोपी श्याम शिवप्रसाद कलानी ने उचित जांच-पड़ताल के बिना विदेश धन भेजने के लिए आयकर नियमों के तहत फॉर्म 15सीबी के 1,810 प्रमाणपत्र जारी किए।

फॉर्म 15सीबी किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से कुछ मामलों में अनिवासी व्यक्ति या कंपनी को किए जाने वाले भुगतान के लिए जारी किया जाने वाला प्रमाणपत्र है।

इसमें विदेश भेजी जाने वाली राशि पर लागू कर और कर कटौती से जुड़ी जानकारी प्रमाणित की जाती है। इसके बाद अधिकृत बैंक के जरिए राशि विदेश भेजी जाती है।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कलानी ने संबंधित दस्तावेजों की आवश्यक जांच किए बिना ये प्रमाणपत्र जारी किए। इससे एक अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 के बीच 16 फर्जी कंपनियों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये विदेश भेजने में मदद मिली।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4) (धोखाधड़ी), 234 (गलत प्रमाणपत्र जारी करना या उस पर हस्ताक्षर करना), 229 (झूठे साक्ष्य) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जांच लातूर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, आर्थिक अपराध शाखा की पुलिस उपाधीक्षक भागीरथी पवार को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

भाषा

योगेश देवेंद्र

देवेंद्र


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