महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने बुनियादी ढांचे और परिवहन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने बुनियादी ढांचे और परिवहन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी
मुंबई, 17 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन के महानगरपालिका चुनावों में निर्णायक जीत हासिल करने के एक दिन बाद, महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने शनिवार को अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल राहत को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया और बुनियादी ढांचे तथा शहरी परिवहन से संबंधित कई निर्णयों को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एमयूटीपी-2) की संशोधित लागत और राज्य के हिस्से को भी मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य उपनगरीय रेल और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।
इसके अलावा, इसने नवी मुंबई के उल्वे में तिरुपति देवस्थानम को पद्मावती देवी मंदिर के निर्माण के लिए आवंटित एक भूखंड के अतिरिक्त शुल्क (प्रीमियम) को भी माफ कर दिया।
मंत्रिमंडल ने अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय में 1,901 पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी और इसका नाम बदलकर अर्थशास्त्र और सांख्यिकी आयुक्तालय करने को भी स्वीकृति दी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार जिला योजना समितियों, मंडल आयुक्त कार्यालयों और विशेष विकास कार्यक्रमों के लिए संशोधित कर्मचारी संरचना को भी मंजूरी दी गई।
यात्रियों को राहत देते हुए, अटल बिहारी वाजपेयी शिवडी-न्हावा शेवा अटल सेतु पर टोल छूट की अवधि को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।
बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत, मंत्रिमंडल ने पुणे महानगर परिवहन महामंडल के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था को मंजूरी दी।
बयान के अनुसार, पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिकाओं द्वारा संबंधित कंपनियों को सीधे डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान किया जायेगा।
इसके अनुसार कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने ठाणे जिले के बापगांव में फलों और सब्जियों के लिए एक बहु-उपयोगी केंद्र और टर्मिनल बाजार की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
बयान में कहा गया है कि आवास क्षेत्र में एक बड़ी पहल के तहत, मंत्रिमंडल ने मुंबई पुलिस हाउसिंग टाउनशिप परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत मुंबई शहर और उपनगरों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 45,000 आवास बनाए जाएंगे।
भाषा
देवेंद्र धीरज
धीरज

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