महाराष्ट्र कैबिनेट ने ग्रामीण पेयजल नीति और नागपुर मेडिकल साइक्लोट्रॉन परियोजना को मंजूरी दी
महाराष्ट्र कैबिनेट ने ग्रामीण पेयजल नीति और नागपुर मेडिकल साइक्लोट्रॉन परियोजना को मंजूरी दी
मुंबई, 16 जून (भाषा) महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को ‘ग्रामीण पेयजल नीति 2026’ को मंजूरी दे दी, जिसका मकसद गांवों में अच्छी गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने बीमारी की पहचान और इलाज की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नागपुर में ‘हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट’ (एनएचईसीपी) शुरू करने को भी मंजूरी दी।
नयी ग्रामीण पेयजल नीति के तहत, सरकार ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की कमी को दूर करने के लिए टिकाऊ समाधानों पर ध्यान देगी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस नीति में जलापूर्ति की विभिन्न योजनाओं को एक साथ लाने और ग्रामीण परिवारों के लिए स्वच्छ और अच्छी गुणवत्ता वाला पीने का पानी सुनिश्चित करने के उपाय लागू करने की परिकल्पना की गई है।
मध्य भारत में अपनी तरह का इकलौता माने जाने वाले एनएचईसीपी से बीमारी का पता लगाने की सटीकता बेहतर होने और अलग-अलग बीमारियों का पहले ही पता लगने से मरीजों को बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद है।
बयान के मुताबिक, कैबिनेट ने हवाई, समुद्री क्षेत्र, जमीन पर आधारित खेती और औद्योगिक कामों के लिए ड्रोन और रोबोटिक प्रणाली के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘महाराष्ट्र मानवरहित प्रणाली नीति 2026’ को भी मंजूरी दी।
राज्य सरकार ने ‘भारतनेट’ कार्यक्रम के लिए संशोधित कार्यान्वयन रूपरेखा को भी मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप बनाने के लिए ‘महाराष्ट्र रोजगार गारंटी अधिनियम, 1977’ में संशोधन को भी मंजूरी दी और इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक अध्यादेश जारी करने का फैसला किया।
एक अन्य फैसले में, कैबिनेट ने स्थानीय स्व-शासन निकायों में आरक्षित सीटों पर चुने गए उम्मीदवारों को जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने के लिए छह महीने का अंतिम समय विस्तार दिया।
भाषा शफीक मनीषा
मनीषा

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