महाराष्ट्र: मुंब्रा को ‘हरे रंग से रंगने’ के एआईएमआईएम पार्षद के बयान को लेकर छिड़ा विवाद

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महाराष्ट्र: मुंब्रा को ‘हरे रंग से रंगने’ के एआईएमआईएम पार्षद के बयान को लेकर छिड़ा विवाद

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 09:10 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 09:10 PM IST

ठाणे, 21 जनवरी (भाषा) ठाणे महानगरपालिका में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख का विजय भाषण वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने अपने इलाके को ‘‘हरे’’ रंग से रंगने का संकल्प लिया है।

वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना ने दावा किया कि ‘‘हरे’’ रंग के उनके संदर्भ में धार्मिक संकेत छिपे हैं।

ठाणे के मुंब्रा इलाके की 22-वर्षीय पार्षद ने अपने विजय भाषण में कहा था, ‘‘अगले पांच वर्षों में मुंब्रा में हर उम्मीदवार एआईएमआईएम से होगा। मुंब्रा को पूरी तरह से हरे रंग से रंगना होगा।’’

अपनी जीत के भाषण पर हुए विवाद के बाद, सहर ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी केवल उनकी पार्टी के संदर्भ में थी, न कि किसी समुदाय के विरुद्ध।

बुधवार को सहर ने कहा, ‘‘मेरी पार्टी का झंडा हरा है। अगर यह भगवा होता, तो मैं कहती कि हम मुंब्रा को भगवा रंग से रंग देंगे।’’

सहर की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह हरित और स्वच्छ पर्यावरण की बात कर रही थीं या धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की।

असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने ठाणे महानगरपालिका चुनाव में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए 131 सीटों में से पांच सीटें जीतीं तथा कांग्रेस और शिवसेना जैसी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया। कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई, जबकि शिवसेना (उबाठा) को केवल एक सीट मिली।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक जितेंद्र आव्हाड को लक्षित करके आक्रामक विजय भाषण देने वाली सहर चुनाव मैदान में उस समय उतरी थीं, जब राकांपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाने से इनकार कर दिया था।

सहर ने कहा था कि चुनाव परिणामों ने उन राजनीतिक विरोधियों के अहंकार को चकनाचूर कर दिया है, जो मुंब्रा की जनता पर अपना वर्चस्व स्थापित करने का दावा करते थे।

एआईएमआईएम की वैचारिक शक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा था कि केवल अल्लाह ही सर्वोच्च है। उन्होंने स्थानीय नेतृत्व को कमजोर करने के प्रयासों को खारिज कर दिया।

सहर ने कहा था कि एआईएमआईएम का लक्ष्य मुंब्रा और मुंबई में अपनी उपस्थिति का विस्तार करना है, और दावा किया कि अगले पांच वर्षों में यह क्षेत्र ‘‘हरा’’ हो जाएगा।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश