पुणे, सात जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भाजपा की आलोचना करने से बचना चाहिए और उसे ‘‘अतीत के पन्ने खोलने’’ के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।
भाजपा नेता बावनकुले ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार को नगर निकाय चुनावों से पहले ‘महायुति’ की समन्वय समिति में सर्वसम्मति से लिये गये उस निर्णय की याद दिलाई कि भले ही गठबंधन के सहयोगी अलग-अलग चुनाव लड़ें लेकिन वे प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे।
राज्य में विभिन्न महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होंगे।
बावनकुले ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद थी कि पवार उस आपसी सहमति का पालन करेंगे। दूसरी ओर, अगर आप देखें तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (भाजपा के) उस नियम का पालन कर रहे हैं क्योंकि वह पवार की पार्टी (राकांपा) या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की आलोचना नहीं कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि कोई भी अतीत की बातों में वापस नहीं जाना चाहता। अजित दादा ‘महायुति’ के तीन प्रमुख नेताओं में से एक हैं और मुझे उम्मीद है कि वह भाजपा या अन्य गठबंधन सहयोगियों की आलोचना नहीं करेंगे।’’
पवार ने कथित तौर पर कहा था कि वह ‘महायुति’ में उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने कभी उन पर 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में आरोप लगाए थे। इस संदर्भ में बावनकुल से पूछा गया कि क्या वास्तव में अनियमितताएं हुई थीं? इस पर बावनकुले ने कहा कि कथित घोटाले से जुड़ा मामला अभी भी अदालत में लंबित है।
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।’’
भाषा देवेंद्र मनीषा
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