नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बृहस्पतिवार को थिम्पू में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस दौरान भूटान में न्यायिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और विकास में तकनीकी सहायता और सर्वोत्तम प्रथाओं के विकास के लिए व्यापक समर्थन की पेशकश की।
उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत और भूटान नरेश ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने और इसे आगे ले जाने के बारे में चर्चा की।
बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक संबंधों पर चर्चा की और न्यायिक साझेदारी के रूप में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने भूटान में न्यायिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और अनुकूलन में तकनीकी सहायता और सर्वोत्तम प्रथाओं के विकास के लिए व्यापक और विस्तृत समर्थन प्रदान किया।’’
बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने साइबर अपराधों के बढ़ते प्रसार पर भी विचार-विमर्श किया और इस बात पर भी चर्चा की कि भारत और भूटान एक साथ मिलकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए क्या प्रयास कर सकते हैं।
इसमें कहा गया है, ‘‘वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक संबंधों की पुष्टि की गई और विचारों और समर्थन के आदान-प्रदान को जारी रखने के संकल्प को मजबूत किया गया।’’
भाषा
देवेंद्र मनीषा
मनीषा