महाराष्ट्र सरकार ‘जेन-जी’ दर्शकों को लुभाने के लिए मराठी फिल्मों में निवेश करेगी: शेलार

महाराष्ट्र सरकार ‘जेन-जी’ दर्शकों को लुभाने के लिए मराठी फिल्मों में निवेश करेगी: शेलार

महाराष्ट्र सरकार ‘जेन-जी’ दर्शकों को लुभाने के लिए मराठी फिल्मों में निवेश करेगी: शेलार
Modified Date: August 18, 2026 / 01:57 pm IST
Published Date: August 18, 2026 1:57 pm IST

मुंबई, 18 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ‘जेन-जी’ दर्शकों को ध्यान में रखकर आधुनिक और तकनीक पर आधारित मराठी फिल्मों के निर्माण में निवेश करेगी।

शेलार ने कहा कि मराठी सिनेमा को दक्षिण भारतीय फिल्मों की तरह युवा दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाना होगा। उन्होंने फिल्मकारों से मराठी भाषा की मूल भावना को बरकरार रखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उच्चस्तरीय विजुअल इफेक्ट्स जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मराठी फिल्मों में गुणवत्ता और नवाचार की कोई कमी नहीं है। हालांकि, निर्माण के साथ-साथ स्क्रीन, वितरण और दर्शकों का अध्ययन करना भी जरूरी है। यदि एक व्यवहार्य मॉडल विकसित किया जाता है तो महाराष्ट्र सरकार निवेशक की भूमिका निभाएगी।’’

मंत्री यहां महाराष्ट्र फिल्म, रंगमंच एवं सांस्कृतिक विकास निगम और अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडल द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मराठी सिनेमा में गुणवत्ता, नवाचार और अभिनय प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन व्यावसायिक सफलता के लिए जरूरी दर्शकों से जुड़ने वाली कड़ी पर काम करने की जरूरत है।

शेलार ने कहा कि मराठी फिल्मों के लिए उपलब्ध स्क्रीन की संख्या, वितरण व्यवस्था और नए दर्शक वर्ग के निर्माण जैसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

दक्षिण भारतीय फिल्मों के दर्शकों के साथ मजबूत भावनात्मक जुड़ाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मराठी सिनेमा को भी नयी पीढ़ी के दर्शकों के बीच मराठी भाषा और फिल्मों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव विकसित करना होगा।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नए डिजिटल मंच और आधुनिक तकनीक फिल्म उद्योग के सामने चुनौतियां पेश कर रहे हैं, लेकिन इन्हें अवसरों में बदला जाना चाहिए।

शेलार ने कहा कि जेन-जी दर्शकों को मराठी सिनेमा की ओर आकर्षित करने के लिए फिल्मकारों को आधुनिक तकनीक, विजुअल इफेक्ट्स और प्रभावी प्रोडक्शन स्तर का इस्तेमाल करना चाहिए लेकिन इसके साथ मराठी सिनेमा की मूल भावना को बरकरार रखना होगा।

भाषा

राखी गोला

गोला


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