महाराष्ट्र सरकार बालभारती की असली पुस्तकों की पहचान के लिए जागरूकता अभियान चलायेगी: मंत्री

महाराष्ट्र सरकार बालभारती की असली पुस्तकों की पहचान के लिए जागरूकता अभियान चलायेगी: मंत्री

महाराष्ट्र सरकार बालभारती की असली पुस्तकों की पहचान के लिए जागरूकता अभियान चलायेगी: मंत्री
Modified Date: February 27, 2026 / 04:57 pm IST
Published Date: February 27, 2026 4:57 pm IST

मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार आगामी शैक्षणिक वर्ष से एक जागरूकता अभियान शुरू करेगी ताकि लोगों को सरकारी एजेंसी ‘बालभारती’ द्वारा प्रकाशित असली पाठ्यपुस्तकों की पहचान करने में मदद मिल सके। राज्य के एक मंत्री ने शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान लिखित उत्तर में कहा कि बालभारती द्वारा डिजाइन और प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों की 20,000 से अधिक नकली प्रतियां दिसंबर 2025 में नागपुर जिले के एक निजी प्रिंटिंग प्रेस से जब्त की गईं।

उन्होंने बताया कि नागपुर के हिंगना एमआईडीसी क्षेत्र में एक प्रेस पर छापे के दौरान नौवीं से 12वीं कक्षाओं तक की पाठ्यपुस्तकों की अवैध छपाई का पता चला।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक उत्पादन और पाठ्यक्रम अनुसंधान ब्यूरो (बालभारती) के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया, जिसके बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

उन्होंने अपने जवाब में कहा कि संबंधित प्रिंटिंग प्रेस के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और नकली किताबों का जखीरा जब्त कर लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य भर में अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को सतर्क कर दिया है कि वे निजी प्रिंटिंग प्रेसों की निगरानी करें और जहां भी आवश्यक हो, उनकी जांच करें ताकि ऐसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि असली पाठ्यपुस्तकों की पहचान में मदद करने के लिए, इस शैक्षणिक वर्ष से आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों के निर्दिष्ट पृष्ठों पर क्यूआर कोड मुद्रित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और पुस्तक विक्रेताओं को सूचित करने के लिए मई-जून में मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

भाषा राजकुमार रंजन

रंजन


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