महाराष्ट्र में मराठी भाषा के अनिवार्य नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई

महाराष्ट्र में मराठी भाषा के अनिवार्य नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई

महाराष्ट्र में मराठी भाषा के अनिवार्य नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
Modified Date: April 18, 2026 / 08:58 pm IST
Published Date: April 18, 2026 8:58 pm IST

मुंबई, 18 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र में मराठी पढ़ाना अनिवार्य होने के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर सख्ती की तैयारी है। ऐसे संस्थानों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को एक सरकारी आदेश जारी कर सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाने के नियमों के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए। यह कदम इस चिंता के बीच उठाया गया है कि कई स्कूल, खासकर केंद्रीय बोर्ड से संबद्ध संस्थान, इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।

आदेश में नियमों के उल्लंघन की स्थिति में एक लाख रुपये तक के जुर्माने सहित कड़े दंड का प्रावधान किया गया है।

महाराष्ट्र अनिवार्य मराठी भाषा शिक्षण एवं अधिगम अधिनियम, 2020 के तहत 2020-21 शैक्षणिक सत्र से कक्षा एक से 10 तक सभी स्कूलों में मराठी एक अनिवार्य विषय है। यह प्रावधान सभी संस्थानों पर लागू होता है, चाहे वे किसी भी बोर्ड या माध्यम से संचालित हों।

विभाग ने इस नियम के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए संभागीय उपशिक्षा निदेशकों को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया है।

शैक्षणिक सत्र शुरू होने के दो माह के भीतर स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मराठी पढ़ाई जा रही है या नहीं। उल्लंघन पाए जाने पर स्कूलों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब देने का अवसर दिया जाएगा।

स्कूल प्रबंधन दंड के खिलाफ शिक्षा निदेशक के समक्ष अपील कर सकते हैं। लगातार नियमों का पालन न करने की स्थिति में स्कूल शिक्षा आयुक्त के समक्ष सुनवाई होगी और अंततः मान्यता रद्द की जा सकती है।

भाषा खारी सुरेश

सुरेश


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