दही हांडी उत्सव को यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास करेगी महाराष्ट्र सरकार: मंत्री

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दही हांडी उत्सव को यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास करेगी महाराष्ट्र सरकार: मंत्री

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  • Publish Date - August 16, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 07:35 PM IST

मुंबई, 16 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र सरकार दही हांडी उत्सव को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल कराने के प्रयास करेगी और इस पारंपरिक उत्सव का प्रदर्शन करने के लिए ‘गोविंदाओं’ (ऊंचे मानव पिरामिड बनाने वाले प्रतिभागियों) को स्पेन भेजेगी। राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने रविवार को यह जानकारी दी।

शेलार ने दही हांडी समूहों से अपील की कि वे उत्सव के दौरान सुरक्षा नियमों, यातायात नियमों और अन्य सावधानियों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि आयोजकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिकों और पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांस्कृतिक मामलों के मंत्री मुंबई के परेल में ‘महाराष्ट्र राज्य दही हांडी गोविंदा एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित ‘कृष्णानंद सोहला’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में महिला और पुरुष दही हांडी टीमों के प्रतिनिधियों, गोविंदाओं तथा इस उत्सव से जुड़े विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया।

दही हांडी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव यानी ‘कृष्ण जन्माष्टमी’ के अगले दिन मनाया जाता है। इसमें प्रतिभागी (गोविंदा) दही, मक्खन और दूध से भरे मटके को तोड़ने के लिए कई परतों वाला मानव पिरामिड बनाते हैं।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा और जनहित का ध्यान रखते हुए महाराष्ट्र के पारंपरिक त्योहारों को उचित संरक्षण देना सुनिश्चित करेगी।

मानव पिरामिड और मीनारें बनाने की यह पारंपरिक प्रथा दही हांडी उत्सव और स्पेन के बीच एक साझा कड़ी है। स्पेन में विभिन्न समुदाय मानव मीनारें बनाने की परंपरा का पालन करते हैं, जिसे ‘कैस्टेल्स’ कहा जाता है।

स्पैनिश टीमें अक्सर दही हांडी उत्सव में भाग लेने के लिए मुंबई और ठाणे आती रहती हैं।

भाषा सुमित प्रशांत

प्रशांत