मुंबई, 17 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है तथा पेट्रोल-डीजल का भंडार भी पर्याप्त है।
मंत्री ने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए कई कदम उठा रही है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति प्रभावित हुई है। देश अपनी एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों तथा तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह मार्ग प्रभावी रूप से बाधित हुआ है।
विधानसभा में बयान देते हुए मंत्री भुजबल ने कहा, “राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और स्थिर आपूर्ति बनाए रखने के लिए इसकी घरेलू उपलब्धता 9,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 11,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दी गई है।”
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल का भंडार पर्याप्त है तथा राज्य में इनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
भुजबल ने कहा, “घरेलू एलपीजी की कालाबाजारी और अवैध उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्रवर्तन तेज किया गया है। जनवरी से मार्च के बीच 21 जिलों में 2,129 निरीक्षण किए गए, 1,208 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए और 23 मामले दर्ज किए गए।”
उन्होंने कहा कि इस संबंध में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मंत्री ने कहा कि तेल विपणन कंपनियों और वितरकों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और भंडार की दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के परिवहन और वितरण में लगे कर्मचारियों को पुलिस सुरक्षा दी गई है तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा खारी रंजन
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