ठाणे, 10 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस ने चोरी के कम से कम 48 मामलों में कथित तौर पर शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और उसके पास से लगभग 1.39 करोड़ रुपये मूल्य के एक किलोग्राम से अधिक चोरी के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरसिंह जाधव ने कहा कि आरोपी की पहचान शिवाजी गोपाल सांटे (31) के रूप में हुई है और वह ठाणे जिले के टिटवाला पूर्व का निवासी है।
उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ वर्षों से मुंब्रा इलाके में घरों को निशाना बना रहा है।
जाधव ने बताया कि मुंब्रा थाने में घरों में सेंधमारी के कई मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें एक अज्ञात व्यक्ति दिन के समय शौचालय की खिड़कियों की ग्रिल और दरवाजों के ताले तोड़कर घरों में घुस जाता था और सोने-चांदी के गहने लेकर फरार हो जाता था।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए अपराध शाखा की इकाई-एक ने जांच शुरू की और लगभग छह महीने तक संदिग्ध का पीछा किया।
इस मामले में आठ फरवरी को दिवा ईस्ट के नारायण भगत नगर स्थित साई स्वपन अपार्टमेंट में हुई चोरी की जांच के दौरान सफलता मिली। यहां एक बंद घर के मुख्य दरवाजे के ताले तोड़कर कीमती सामान चोरी कर लिया गया था।
शिकायत के आधार पर मुंब्रा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान अपराध शाखा की टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
जाधव ने कहा, ‘आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद होने से बचने के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों का इस्तेमाल करता था और जानबूझकर विपरीत दिशाओं में यात्रा करता था।’
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी निगरानी का उपयोग करके और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध की गतिविधियों का पता लगाया और उसकी पहचान की। उन्होंने बताया कि लगभग 15 दिनों की निरंतर जांच के बाद पुलिस ने दो मार्च को सांटे को ढूंढकर टिटवाला पूर्व से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान, आरोपी ने पिछले तीन वर्षों में मुंब्रा में कई घरों में सेंधमारी की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की।
जाधव ने कहा, ‘घर में चोरी के 48 मामले अबतक सुलझाए जा चुके हैं और चुराए गए 1.39 करोड़ रुपये के 1.03 किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं।’
भाषा
शुभम प्रशांत
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