ठाणे, 29 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 27 साल के एक युवक को 16 वर्षीय एक किशोरी को शादी का झांसा देकर बार-बार उसका यौन उत्पीड़न करने और उसके परिवार को धमकाने के मामले में दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि यौन संबंधों के मामले में नाबालिग की सहमति मायने नहीं रखती है।
विशेष न्यायाधीश जीटी पवार ने अनिकेत राजेश निषाद को साल 2020 में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376(2)(एन) (बार-बार दुष्कर्म) तथा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज मामले में शुक्रवार को दोषी करार दिया।
न्यायमूर्ति पवार ने अनिकेत पर 11,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया, साथ ही जिला विधि सेवा प्राधिकरण से पीड़िता को अतिरिक्त मुआवजा देने को कहा।
भाषा पारुल पवनेश
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