मराठा आरक्षण: 29 अगस्त के आंदोलन की रणनीति के लिए मनोज जरांगे की विशेषज्ञों के साथ बैठक

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मराठा आरक्षण: 29 अगस्त के आंदोलन की रणनीति के लिए मनोज जरांगे की विशेषज्ञों के साथ बैठक

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  • Publish Date - August 16, 2026 / 06:02 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 06:02 PM IST

जालना, 16 अगस्त (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के जालना जिले में 29 अगस्त से शुरू होने वाले मराठा आरक्षण आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति तैयार करने के लिए रविवार को विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

जरांगे के पैतृक गांव अंतरवाली सराटी में आयोजित इस बैठक में सरकार को पूर्व में सौंपे गए मांग पत्रों, उनके कानूनी पहलुओं और सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर मौजूदा शासनादेश (जीआर) में हुई गलतियों को स्वीकार करना चाहिए और उनमें आवश्यक संशोधन करने चाहिए।

उन्होंने बताया कि बैठक में हैदराबाद गजेटियर, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाली छूट से जुड़े जीआर और मराठा समाज से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जरांगे ने दोहराया कि वह 29 अगस्त से अपना आंदोलन शुरू करने के निर्णय पर पूरी तरह अडिग हैं।

जरांगे पात्र मराठा समुदाय को ‘कुनबी’ का दर्जा देने की मांग को लेकर कई आंदोलन कर चुके हैं। ‘कुनबी’ एक कृषि प्रधान समुदाय है जिसे ओबीसी श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।

इस महीने की शुरुआत में उन्होंने राज्य सरकार पर कई कुनबी प्रमाण पत्रों को रद्द करके मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने रक्त संबंध, परिवार और वंशावली के दस्तावेजों के सत्यापन में प्रशासनिक स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि गांव स्तर की समितियों को संवैधानिक अधिकार दिए जाएं और उनकी सिफारिशों को प्रशासन द्वारा सीधे स्वीकार किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, बैठक में मराठवाड़ा क्षेत्र के उन मराठा परिवारों के पुराने रिकॉर्ड खोजने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया जिनके नाम वर्तमान में उपलब्ध दस्तावेजों में नहीं मिल रहे हैं।

भाषा सुमित अमित

अमित