Baba Ramdev at IBC24 | Photo Credit: IBC24
रायपुर: Baba Ramdev at IBC24 योग गुरु बाबा रामदेव इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। प्रवास के दौरान रविवार सुबह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे, जहां बाबा रामदेव रायपुर स्थित मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ के नंबर 1 न्यूज चैनल IBC24 के ऑफिस पहुंचे। इस दौरान उनके साथ आचार्य बालकृष्ण और भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एन.पी.सिंह भी मौजूद रहे। IBC24 पहुंचने पर गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज चेयरमैन सुरेश गोयल और डायरेक्टर दिनेश गोयल ने उनका स्वागत किया। IBC24 में बाबा रामदेव का तीखे सवालों से भी सामना हुआ, जिसका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया।
IBC24 के एडिटर-इन-चीफ रवि कांत मित्तल ने बाबा रामदेव से कई मुद्दों पर सवाल किए। इन सवालों का जवाब देने से पहले बाबा रामदेव ने गोयल ग्रुप और IBC24 की प्रशंसा की। (Baba Ramdev at IBC24 Office) बाबा रामदेव ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गोयल ग्रुप की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि, गोयल साहब ने हजारों लोगों को रोजगार दिया।
Baba Ramdev at IBC24 Office: इसके बाद जेन-जी आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि, आंदोलन लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन वो अराजक नहीं होने चाहिए और उसमे बच्चों को नहीं लाना चाहिए। बच्चों के सवाल परिजनों को उठाने चाहिए। बाबा रामदेव ने आगे कहा कि, देश का शिक्षा तंत्र, चिकित्सा तंत्र और कृषि तंत्र मजबूत होगा तब देश की अर्थव्यस्था मजबूत होगी। बाबा रामदेव ने कहा कि भारत के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों को सही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन दोनों सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल हैं, जिनका समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन चिंताओं को दूर करने में सरकार की अहम जिम्मेदारी है।
बाबा रामदेव ने कहा कि स्कूल एजुकेशन में लगभग ₹10,000 प्रति बच्चा खर्चा आ रहा है गवर्नमेंट का। एक प्राइवेट इंस्टीट्यूशन ₹5,000 में बढ़िया शिक्षा दे रहा है बच्चे को। ₹2000 में बढ़िया शिक्षा दे रहा है। बच्चे के लिए टैक्स पेयर का ₹10,000 का पैसा खर्च हो रहा है। एक बड़े के लिए टैक्स पेयर का 2025,000 का खर्चा हो रहा है कॉलेज यूनिवर्सिटी के बच्चे के लिए। लेकिन वो परिणाम क्यों नहीं आ रहे जो प्राइवेट स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के आ रहे हैं और जो परिणाम आईआईएम में आ रहे हैं जो परिणाम आईआईटी में आ रहे हैं जो प्राणाया जो परिणाम एम्स में आ रहे हैं, जो परिणाम हमारे नॉर्मल जो गवर्नमेंट स्कूल है चाहे वो अच्छा गवर्नमेंट स्कूल में भी जो सेंटर केंद्रीय कुछ विद्यालय उनके बड़े अच्छे परिणाम है। तो जब कुछ केंद्रीय विद्यालय अच्छे हो सकते हैं जब आईएमआईआईटी अच्छे हो सकते हैं।
जितने भी सरकार और सरकार के द्वारा लाभ पाने वाले जो व्यक्ति हैं उन सबके बच्चे गवर्नमेंट स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटीियों में पढ़ने चाहिए। उन सबका इलाज जो है गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में होना चाहिए अपने आप ही सुधर जाएंगे। और ये काम नेपाल के छोटा सा देश वहां के प्रधानमंत्री ने किया। हम तो मैं तो देश के प्रधानमंत्री से आग्रह करूंगा। जितने भी सरकार या सरकारी तंत्र के द्वारा जो लाभान्वित होने वाले व्यक्ति हैं। उनके बच्चों को वहां पढ़ाइए गवर्नमेंट स्कूल में, गवर्नमेंट कॉलेज में, गवर्नमेंट हिस्ट्रीज में। ऐसा एक नियम ले आइए और बड़ी प्रामाणिकता के साथ लेकर के आइए और जितने भी सरकार से लाभ पाने वाले लोग हैं, उनके सबके उन खुद का और उनके परिजनों का इलाज और आज सब फैसिलिटी हमारे यहां पर है।
अब तो इतने एम्स बन गए एडवांस, सर्जरी आदि के लिए, एडवांस ट्रीटमेंट के लिए भी जितने भी पॉलिटिशियंस हैं, जितने भी ब्यूरोक्रेट्स हैं, जितने भी जो है लेजिसलेटर्स हैं, जितने भी सरकार के द्वारा लाभान्वित लोग हैं। उन सबका इलाज गवर्नमेंट हॉस्पिटल में होना चाहिए। भारत का नागरिक दुनिया का सर्वश्रेष्ठ नागरिक बने। भारत की का लोकतंत्र दुनिया का सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र बने और यह तब होगा जब हमारा शिक्षा तंत्र, चिकित्सा तंत्र, कृषि तंत्र, अर्थतंत्र और पूरा लोकतंत्र हमारा एक साथ उभरेगा।