मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की परीक्षा आयोजित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करने के लिए शुक्रवार को शिवसेना नेता संजय निरुपम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
निरुपम ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने शुक्रवार को पश्चिमी उपनगर दहिसर में स्थित गणपत पाटिल नगर क्षेत्र का दौरा करके ऑटो चालकों से मराठी सीखने का आग्रह किया और उन्हें समझाया कि यदि वे भाषा संबंधी परीक्षा में असफल होते हैं, तो यह चिंता न करें कि उनका लाइसेंस रद्द हो जाएगा। उन्होंने कहा, “मनसे कार्यकर्ता वहां आए और मेरे खिलाफ नारेबाजी की।”
मुंबई के पूर्व सांसद ने अपनी पार्टी के सहयोगी और राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए कामचलाऊ मराठी बोलने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने सरकार से भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने और परीक्षा कराने के फैसले पर पुनर्विचार करने का भी अनुरोध किया है।
इस महीने की शुरुआत में सरनाईक ने घोषणा की थी कि एक मई से ऑटो चालकों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य होगा, और महाराष्ट्र के सभी 59 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में इस नियम को लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
निर्णय से नाराज कुछ ऑटो चालकों की ट्रेड यूनियन ने चार मई से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप