ठाणे, 17 जून (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बुधवार को ठाणे में प्रवासी ऑटो और कैब चालकों के लिए आयोजित मराठी भाषा की कक्षा में जबरन घुसकर हंगामा किया।
कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद चालकों को कथित तौर पर बाहर निकाल दिया और कहा कि ड्राइविंग के पेशे में केवल स्थानीय लोगों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी की ठाणे शहर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र मोरे ने किया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
यह कक्षा स्थानीय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा राज्य सरकार के उस नियम के तहत आयोजित की गई थी, जिसके अनुसार ऑटो और कैब चालकों को मराठी भाषा जानना अनिवार्य किया गया है।
इस नीति के तहत, राज्य परिवहन विभाग ने ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब के गैर-मराठी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य कर दिया है।
चालकों के लिए यह भाषा सीखकर 15 अगस्त की सख्त समय-सीमा तक इसका आधिकारिक प्रमाणपत्र हासिल करना जरूरी है।
हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों के समूह ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के समर्थन में नारेबाजी की।
घटना के बाद मोरे ने व्यवधान के लिए हाथ जोड़कर कक्षा के शिक्षक से माफी मांगी और कहा कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों के ‘बैज’ जारी करने में स्थानीय मराठी भाषी लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि बाहरी लोगों के आने से राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं।
मनसे द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में प्रवासी चालकों को मराठी सिखाने के तर्क पर सवाल उठाया गया।
बयान में कहा गया, ‘हमारे मराठी बच्चों को प्राथमिकता दें… महाराष्ट्र में अपराध बढ़ रहे हैं।’
इस घटना के संबंध में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
भाषा सुमित अविनाश
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