ठाणे, 15 जून (भाषा) नवी मुंबई नगर निगम के आधिकारिक निमंत्रण पत्रों से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का नाम हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसको लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) मंत्री गणेश नाईक को काले झंडे दिखाए, जिन्हें शिंदे का धुर विरोधी माना जाता है।
भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने अलग से दावा किया कि बदले गए निमंत्रण पत्र में गलत तरीके से गणेश नाईक को श्रेय दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्र में यह झूठा दावा किया गया कि परियोजनाओं को नाईक के मंत्रीय आवंटन से वित्तीय सहायता दी गई है।
विवाद सोमवार को तब शुरू हुआ जब उच्च-स्तरीय कार्यक्रम के निमंत्रण पत्रों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम नहीं दिखा।
इस कथित “अपमान” से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने नयी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं के उद्घाटन कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया और गणेश नाईक को काले झंडे दिखाए। कार्यकर्ताओं ने ठाणे जिले के पालक मंत्री शिंदे के समर्थन में नारेबाजी भी की।
ठाणे से लोकसभा सदस्य नरेश म्हस्के ने आरोप लगाया कि निमंत्रण पत्र से शिंदे का नाम जानबूझकर हटाया गया है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई नगर निगम आयुक्त ने उन्हें बताया कि प्रशासन ने मूल रूप से राज्य प्रोटोकॉल के अनुसार शिंदे का नाम शामिल किया था।
भाषा प्रचेता प्रशांत
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