मतदाता सूची में मौजूद समस्याओं का समाधान किया जाएगा: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी

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मतदाता सूची में मौजूद समस्याओं का समाधान किया जाएगा: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 08:32 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 08:32 PM IST

नासिक, 25 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस चोकलिंगम ने रविवार को कहा कि मतदाता सूची की शुचिता पर संदेह जताने की घटनाएं पिछले डेढ़ साल में बढ़ी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव प्रक्रिया विश्वास पर आधारित होती है और मुद्दे का हल कर लिया जाएगा।

नासिक में राज्य स्तरीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीईओ ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की योजना है कि मतदाताओं को पंजीकरण स्वीकृत होने के 15 दिन के भीतर मतदाता पहचानपत्र मिल जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को भी जल्द ही नये पहचान पत्र मिलेंगे।

चोकलिंगम ने कहा, ‘‘पहले मतदाता पहचानपत्र बनवाने में 50 दिन लगते थे। अब देशभर में किसी को भी मंजूरी मिलने के 15 दिन के अंदर मतदाता पहचानपत्र मिल जाएगा। यह महाराष्ट्र के प्रस्ताव और प्रयासों के चलते संभव हो रहा है। निर्वाचन आयोग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और एक हफ्ते में तकनीकी मंजूरी भी मिल जाएगी।’’

सीईओ ने कहा कि लोकतंत्र और विकास आपस में सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लोकतंत्र का मजबूत होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, प्रत्येक मतदाता को मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदान करना चाहिए। ब्रिटेन में, कोई भी व्यक्ति तीन से चार महीने के प्रवास के बाद भी मतदान कर सकता है। मतपत्र पर वोट अंकित करने के लिए पेंसिल का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है।’’

चोकलिंगम ने कहा, ‘‘सब कुछ विश्वास पर आधारित होता है। हमारी प्रक्रिया भी विश्वास पर आधारित है। हालांकि, पिछले डेढ़ साल में मतदाता सूची पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसी घटनाएं बढ़ गई हैं। हमें बदलाव लाने होंगे।’’

चोकलिंगम के अनुसार, पहले मतदाता सूचियों में समावेश ही मुख्य उद्देश्य था।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें यह देखना होगा कि कहीं कोई गलत व्यक्ति तो शामिल नहीं हो गया है। कोलंबिया में अलग से मतदाता सूची नहीं बनाई जाती है। केवल जन्म और मृत्यु की जानकारी ही पर्याप्त है। जन्म और मृत्यु की जानकारी संबंधित पंजी में दर्ज की जाती है। अपना नाम हटवाने के लिए आपको आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है, आपको ऐसा करने का अधिकार नहीं है। बस अपना पता बता दें और यह भी बता दें कि आपका पता बदल गया है।’’

चोकलिंगम ने कहा, ‘‘2029 के चुनावों तक, हम खुद से वादा करते हैं कि मतदाता सूचियों को लेकर कोई समस्या या संदेह नहीं होगा, और हम सभी को इसे हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।’’

सीईओ ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) या केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राज्य आरक्षित पुलिस बल (एसआरपीएफ) और पुलिस सहित त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था दी गई है।

मतदाता सूची के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि अपात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल न हों।

उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनील सोनार ने कहा, ‘‘भारत की 147 करोड़ आबादी में से 9.93 करोड़ मतदाता महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र में जल्द ही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराए जाने की संभावना है।’’

भाषा सुभाष पारुल

पारुल