टीटीके प्रेस्टीज समूह के टीटी जगन्नाथम को मरणोपरांत पद्म श्री

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टीटीके प्रेस्टीज समूह के टीटी जगन्नाथम को मरणोपरांत पद्म श्री

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 09:06 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 09:06 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) टीटीके प्रेस्टीज समूह के दिवंगत टीटी जगन्नाथम को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।

जगन्नाथम का निधन पिछले वर्ष अक्टूबर में 77 वर्ष की आयु में हुआ। उन्हें यह नागरिक सम्मान उद्योग जगत में उनके योगदान के लिए दिया गया है।

उन्होंने प्रेशर कुकर के लिए जीआरएस सुरक्षा प्रणाली की खोज की थी और भारतीय रसोई के बर्तनों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।

सरकार द्वारा रविवार को जारी बयान के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

जीआरएस (गैस्केट रिलीज सिस्टम) प्रेशर कुकर की वह सुरक्षा तकनीक है जो अत्यधिक दबाव होने पर रबर के किनारे से भाप निकालकर कुकर को फटने से बचाती है।

निधन के समय वह टीटीके प्रेस्टीज के मानद चेयरमैन थे। 50 वर्षों तक कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे जगन्नाथम ने ‘प्रेस्टीज’ को भारत के हर घर का एक जाना-माना ब्रांड बना दिया। उन्होंने टीटीके समूह की वित्तीय स्थिति सुधारने और उसे कर्ज मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उनके नेतृत्व में प्रेस्टीज केवल प्रेशर कुकर बनाने वाली कंपनी से बदलकर किचन सॉल्यूशंस का एक पूर्ण ब्रांड बना, जिसमें बिजली से चलने वाले उपकरण और अन्य उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने लोकप्रिय पुस्तक ‘डिस्ट्रप्ट एंड कॉन्कर – हाउ टीटीके प्रेस्टीज बिकेम ए बिलियन डॉलर कंपनी’ भी लिखी थी।

उनके कार्यकाल में प्रेस्टीज ने अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार किया। आईआईटी मद्रास से स्वर्ण पदक विजेता और अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी डिग्री हासिल करने वाले जगन्नाथम को स्वयं खाना बनाना पसंद था।

उन्होंने एक बार कहा था कि उनके नवाचार की जरूरत हमेशा उनकी अपनी रसोई से ही शुरू होती थी।

भाषा सुमित रमण सुमित रमण

रमण