मुंबई: खुद को डीसीपी बताकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोपी सहायक पुलिस उपनिरीक्षक गिरफ्तार

मुंबई: खुद को डीसीपी बताकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोपी सहायक पुलिस उपनिरीक्षक गिरफ्तार

मुंबई: खुद को डीसीपी बताकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोपी सहायक पुलिस उपनिरीक्षक गिरफ्तार
Modified Date: July 18, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: July 18, 2026 9:18 pm IST

मुंबई, 18 जुलाई (भाषा) मुंबई में खुद को पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बताकर कई लोगों से लाखों रुपये ऐंठने के आरोप में रेलवे पुलिस के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी एएसआई मोहम्मद गौस इब्राहिम खतीब करीब एक दशक से ‘डीसीपी डॉ. राज खतीब’ नाम से काम कर रहा था।

अधिकारी ने कहा, ‘खुद को मुंबई पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी बताकर वह फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था, अपनी छवि मजबूत बनाने के लिए एक सहायक रखता था और संभावित पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए बड़े लोगों से संपर्क बनाए रखता था। वह कर्ज दिलाने, बकाया भुगतान की वसूली में मदद करने और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का वादा करता था।’

अधिकारी ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता था और प्रमुख लोगों के साथ मुलाकात करते हुए अपने वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करता था।

एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि खतीब ने 1.6 करोड़ रुपये के कार लोन की व्यवस्था करने के लिए उससे 10 लाख रुपये ‘प्रोसेसिंग’ फीस के रूप में लिए थे।

अधिकारी ने कहा, ‘जब कर्ज नहीं मिला, तो शिकायतकर्ता मुंबई पुलिस मुख्यालय पहुंचा। जांच के दौरान पता चला कि पुलिस विभाग में डॉ. राज खतीब नाम का कोई अधिकारी नहीं था। इसके बाद अपराध शाखा इकाई-3 ने जाल बिछाकर आरोपी को 48 लाख रुपये के सौदे के बहाने अंधेरी के एक होटल में बुलाकर गिरफ्तार कर लिया।’

अधिकारी ने बताया कि खतीब धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में भी हिरासत में है। इस मामले में उस पर एक युवक को पुलिस में नौकरी दिलाने का वादा करके 12 लाख रुपये लेने का आरोप है।

अधिकारी ने कहा, ‘खतीब एक एएसआई है, इसलिए उसे पुलिस के कामकाज, नियमों और अन्य जानकारियों के बारे में पता था। वह 2015-16 में खुद को सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) बताता था और बाद में खुद को डीसीपी बताने लगा। अभी तक हमने ऐसे चार मामलों की पहचान की है, जिनमें उसने पीड़ितों से कुल 48 लाख रुपये की ठगी की है। उम्मीद है कि और लोग भी शिकायत लेकर सामने आएंगे।’

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में