Muslim Girls Convert Fake hindu: राज्य बदलते ही बदल जाती थी मुस्लिम लड़कियों की पहचान, हिंदू युवती बताकर लाखों में होती डील, मामला जान आपके उड़ जाएंगे होश
muslim girls convert hindu sambhal : पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जो 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये में फर्जी शादियां कराकर लूट की वारदातों को अंजाम देता था।
muslim girls convert hindu sambhal, image source: Oddity Central
- बंगाल से पश्चिमी यूपी तक फैला था नेटवर्क
- फर्जी आधार कार्ड था गिरोह का सबसे बड़ा हथियार
- अविवाहित और कमजोर युवकों से 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की लूट
Sambhal News: पश्चिम बंगाल की रहने वाली नूरजहां खातून और आयशा जब संभल पहुंचीं, तो उनकी पहचान पूरी तरह बदल चुकी थी। (muslim girls convert Fake hindu) यहां वे नूरजहां और आयशा नहीं, बल्कि काजल और पूजा बनकर रह रही थीं। शक से बचने के लिए फर्जी आधार कार्ड तक तैयार कराए गए थे, जिनमें न सिर्फ नाम बल्कि धर्म भी बदला गया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जो 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये में फर्जी शादियां कराकर लूट की वारदातों को अंजाम देता था।
बंगाल से पश्चिमी यूपी तक फैला था नेटवर्क
संभल पुलिस तब अलर्ट हुई, जब डेढ़ महीने के भीतर एक के बाद एक चार नई दुल्हनें शादी के कुछ ही दिनों बाद घर से जेवर और नकदी लेकर फरार हो गईं। (muslim girls convert Fake hindu) जांच में पता चला कि यह कोई स्थानीय मामला नहीं, बल्कि बंगाल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैला एक संगठित नेटवर्क था। आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम लड़कियों को बंगाल से चुना जाता, उन्हें यूपी में अच्छी शादी और सुरक्षित भविष्य का लालच दिया जाता और फिर नाम, पहचान और धर्म बदलकर हिंदू बनाकर पेश किया जाता था।
फर्जी आधार कार्ड था गिरोह का सबसे बड़ा हथियार
पुलिस के अनुसार बदायूं जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला एक नेटवर्क सक्रिय था। असली आधार कार्ड में नाम और धर्म बदलकर नया कार्ड तैयार किया जाता था। (muslim girls convert Fake hindu)इसी आधार पर शादी के दस्तावेज बनते और गांव में सामाजिक स्वीकार्यता मिल जाती थी। नूरजहां खातून भी इसी तरीके से ‘काजल’ बनी और राजीव नाम के युवक से शादी की, जिससे लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ।
अविवाहित और कमजोर युवकों से 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की लूट
गिरोह ऐसे युवकों को टारगेट करता था जिनकी उम्र अधिक हो चुकी हो, शादी न हो पा रही हो या जो आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर हों। (muslim girls convert Fake hindu) मैरिज ब्रोकर कम खर्च में तुरंत शादी का भरोसा दिलाकर परिवारों का विश्वास जीत लेते थे। शादी तय होते ही लड़की लाने, कागजात बनवाने और शादी कराने के नाम पर 50 हजार से 1 लाख रुपये तक लिए जाते थे। कम खर्च के लालच में परिवार ज्यादा सवाल नहीं करते थे, जिसका फायदा गिरोह उठाता था।
शादी के बाद शुरू होती थी लूट की योजना
पूछताछ में खुलासा हुआ कि लड़कियों को पहले से ट्रेनिंग दी जाती थी। शादी के बाद 4–5 दिन सामान्य व्यवहार कर ससुराल वालों का भरोसा जीतना, घर में रखे जेवर और नकदी की जानकारी लेना और फिर मौका मिलते ही फरार हो जाना तय रणनीति थी। (muslim girls convert Fake hindu) कुछ मामलों में बाहर से बाइक और मदद पहले से तय रहती थी।
डेढ़ महीने में हुई चार वारदातें
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को भोले की शादी आरती से 55 हजार रुपये में हुई। फिर 9 जनवरी 2026 को राजू की शादी पूजा (असल नाम आयशा) से, 53 हजार रुपये में हुई। (muslim girls convert Fake hindu) इसके बाद 9 जनवरी 2026 को प्रवेश की शादी दूसरी पूजा से, 75 हजार रुपये में हुई। वहीं 9 जनवरी 2026 को मुरादाबाद के मोनू मिश्रा की शादी इशिका से, 70 हजार रुपये में हुई। कुछ ही दिनों में आरती और इशिका जेवर व नकदी लेकर फरार हो गईं।
CCTV फुटेज से खुली पोल
एक मामले में दुल्हन को रात में बाइक पर बैठाकर भगाने का CCTV फुटेज सामने आया। (muslim girls convert Fake hindu) यही फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग बना। 20 जनवरी 2026 को जब राजू की पत्नी पूजा सामान समेट रही थी, तो ग्रामीणों को शक हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
महिला पुलिस की मौजूदगी में हुई पूछताछ में आधार कार्ड सामने आते ही सच्चाई उजागर हो गई। पूजा का असली नाम आयशा खातून निकला और धर्म मुस्लिम पाया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को संगठित अपराध मानते हुए जांच तेज कर दी।
मैरिज ब्रोकर और पति गिरफ्तार
जांच में ‘काजल’ का नाम सामने आने पर पुलिस ने बदायूं और बरेली में दबिश देकर काजल और उसके पति राजीव को गिरफ्तार कर लिया। आधार कार्ड जांच में काजल का असली नाम नूरजहां खातून निकला। (muslim girls convert Fake hindu) आरोपियों के पास से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मोबाइल डेटा की जांच जारी है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से पहचान और धर्म छुपाकर शादियां कराता था, जिसका मकसद सिर्फ लूट था। चार मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन लुटेरी दुल्हनें अभी फरार हैं। साथ ही फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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