(कोमल पंचमटिया)
मुंबई, 30 जनवरी (भाषा) बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गायकों में से एक अरिजीत सिंह के पार्श्वगायन नहीं करने की घोषणा पर संगीत जगत की हस्तियों ने हैरानी जताई और साथ ही उनके प्रति सहानुभूति भी दिखाई।
संगीत जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि सिंह के इस फैसले ने यह सोचने पर मजबूर किया है कि लगातार शीर्ष पर बने रहने का दबाव कलाकारों को मानसिक और भावनात्मक रूप से कितना थका देता है, उनकी रचनात्मक स्वतंत्रता पर क्या असर डालता है और सफलता की क्या कीमत चुकानी पड़ती है।
सिंह शायद मनोरंजन जगत के उन सबसे बड़े नामों में से एक हैं जिन्होंने अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचकर संन्यास ले लिया, लेकिन वह ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं हैं।
लोकप्रिय ‘स्टैंड-अप कॉमेडियन’ जाकिर खान ने हाल में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई वर्षों के विराम की घोषणा की थी और गायिका नेहा कक्कड़ ने हर चीज से दूर रहने के बारे में एक रहस्यमय पोस्ट लिखी थी।
फिल्म निर्माता महेश भट्ट का मानना है कि फिल्म उद्योग कलाकारों को शोहरत हासिल होने पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक दबावों का सामना करने के लिए तैयार करने में विफल रहता है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘शोहरत आपको चकाचौंध में कदम रखना सिखाती है, लेकिन उसके भीतर जीना नहीं सिखाती। सफलता के शिखर पर लगातार बने रहने, प्रासंगिक बने रहने और भावनात्मक रूप से उपलब्ध रहने का दबाव असहनीय हो जाता है। जब प्रशंसा निजता की जगह ले लेती है और पहचान प्रदर्शन में उलझ जाती है, तो पीछे हटना अक्सर कमजोरी नहीं, बल्कि खुद को बचाने का तरीका बन जाता है।’’
सिंह ने पार्श्वगायन न करने की मंगलवार को घोषणा की थी और अब तक के अपने इस सफर को शानदार बताया था।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘‘मैं इस सफर को यहीं समाप्त कर रहा हूं, यह एक शानदार सफर रहा।’’ उन्होंने लिखा था कि वह अब पार्श्वगायक के रूप में कोई नया काम नहीं करेंगे।’’
उन्होंने पोस्ट में लिखा था, “नमस्ते, आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं। इतने वर्षों तक श्रोताओं के रूप में मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं अब पार्श्वगायक के रूप में विदा ले रहा हूं। मैं इसे अलविदा कह रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा।”
सिंह के अगले कदम को लेकर काफी अटकलें हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वह राजनीति में आने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अन्य का अनुमान है कि वह स्वतंत्र संगीत करियर पर ध्यान केंद्रित करेंगे जहां उन्हें रचनात्मक स्वतंत्रता अधिक प्राप्त होगी।
संगीत समीक्षक राजीव विजयकर ने कहा कि 38 वर्षीय गायक का यह फैसला संगीत उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है।
उन्होंने कहा, ‘‘अरिजीत ने कुछ बेहतरीन गाने दिए। अमित मिश्रा हों या जुबिन नौटियाल, बाकी सभी गायक या तो उन्हीं की तरह गाते हैं या उन्हें उन्हीं की तरह गाने के लिए मजबूर किया जाता है। वह जमाना चला गया जब कोई प्रसिद्ध गायक एक दिन में तीन-पांच गाने रिकॉर्ड कर लेता था। अगर आप भाग्यशाली हैं, तो आपको साल में सात या आठ गाने ही मिलते हैं, जब तक कि आप श्रेया घोषाल या अरिजीत जैसे कलाकार न हों।’’
विजयकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इसलिए, अरिजीत जैसे व्यक्ति का मोहभंग होना स्वाभाविक है और उनके पार्श्वगायन छोड़ने से संगीत उद्योग को निश्चित रूप से नुकसान होगा।’’
अभिनेत्री-मनोवैज्ञानिक अदिति गोवित्रीकर ने कहा कि सोशल मीडिया ने तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे पिछली पीढ़ियों को बिल्कुल भी निपटना नहीं पड़ा था।
गोवित्रीकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उद्योग जगत के लोग मुझसे मदद मांगने आते हैं। सबसे बड़ी समस्या सोशल मीडिया पर अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना है। अब पहले जैसा समय नहीं रहा कि आप स्थापित हो जाएं और सब ठीक हो जाए। सोशल मीडिया पर आपको लगातार मेहनत करनी पड़ती है। आपको हर बात की जानकारी रखनी होती है, यह जानना होता है कि क्या हो रहा है और इन सब चीजों ने मिलकर बहुत दबाव बढ़ा दिया है।’’
आमिर खान ने वर्षों से गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने काम के दायरे को सीमित रखा है और हाल में भूमि पेडनेकर ने लगभग 10 महीने का अल्प अवकाश लिया था।
विराम लेने का कारण बताते हुए पेडनेकर ने कहा कि उन्हें लगा कि उन्हें कुछ समय के लिए ठहरने की जरूरत है।
भट्ट निर्देशन से संन्यास ले चुके हैं और उनका दृढ़ विश्वास है कि चकाचौंध से दूर रहना जीवन को नयी ऊर्जा प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि जब आप चकाचौंध से दूर हो जाते हैं, तो आपका अंत हो जाता है। मैं सक्रिय फिल्म निर्माता नहीं हूं, लेकिन फिल्म उद्योग से जुड़ा हुआ हूं और लोगों का मार्गदर्शन करता हूं। मुझे याद है जब मैंने (निर्देशन) छोड़ दिया था और फिल्मों से बाहर निकला था, तो मैं जीवन से बाहर नहीं निकल रहा था बल्कि जीवन में कदम रख रहा था।’’
भाषा
देवेंद्र संतोष
संतोष