अगले वित्त वर्ष का वृद्धि अनुमान न तो रूढ़िवादी, न ही अधिक आशावादीः सीईए नागेश्वरन

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अगले वित्त वर्ष का वृद्धि अनुमान न तो रूढ़िवादी, न ही अधिक आशावादीः सीईए नागेश्वरन

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 07:17 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 07:17 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि आर्थिक समीक्षा 2025-26 में अगले वित्त वर्ष के लिए 6.8–7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान न तो बहुत रूढ़िवादी है और न ही अत्यधिक आशावादी है।

उन्होंने कहा कि इस दर से भी बढ़ने पर भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने की स्थिति में रहेगा।

हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष के लिए जारी 7.4 प्रतिशत के पहले अग्रिम अनुमान से थोड़ी कम होगी।

इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-27 में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जबकि विश्व बैंक ने 6.5 प्रतिशत और एशियाई विकास बैंक ने 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है।

नागेश्वरन ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि किसी आंकड़े को रूढ़िवादी या आशावादी मानना वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर भी निर्भर करता है।

उन्होंने कहा, “पहले थोड़ा रूढ़िवादी अनुमान लगाने और फिर वास्तविकता के आधार पर उसे समायोजित करने का हमारा तरीका कारगर साबित होता रहा है। इस लिहाज से 6.8-7.2 प्रतिशत का दायरा सही और संतुलित है।”

आर्थिक वृद्धि की राह में मौजूद प्रमुख बाधाओं के तौर पर सीईए ने भू-राजनीतिक जोखिम, निजी ऋण में वृद्धि की रफ्तार और वित्तीय बाजारों के जोखिम का उल्लेख किया।

उन्होंने रुपये की कीमत में गिरावट को मौलिक कारकों के अनुरूप न बताते हुए कहा कि इसे आकर्षक अवसर के रूप में देखा जा सकता है।

नागेश्वरन ने कहा, ‘‘हमारे बुनियादी कारक बहुत मजबूत हैं और रुपया पूंजीगत प्रवाह से जुड़़ी चिंताओं के कारण गिर रहा है। अगर अमेरिका के साथ व्यापार अनिश्चितता खत्म होती है तो पूंजी प्रवाह मजबूत होगा और स्थिति सुधरेगी।’’

हालांकि, उन्होंने यह स्थिति सुधरने की कोई समयसीमा बताने में असमर्थता जताई।

बृहस्पतिवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, रुपये का वर्तमान मूल्य भारत के मजबूत आर्थिक मूलभूत बिंदुओं को सही रूप में नहीं दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को 92 प्रति अमेरिकी डॉलर तक गिर गया।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय