सोयाबीन तिलहन में मुनाफावसूली के बीच अधिकांश खाद्य तेल कीमतों में गिरावट

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सोयाबीन तिलहन में मुनाफावसूली के बीच अधिकांश खाद्य तेल कीमतों में गिरावट

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 07:08 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 07:08 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) पिछले कुछ दिनों में तेजी के बाद सोयाबीन तिलहन का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 3-4 अधिक होने के बीच इसमें हुई मुनाफावसूली से बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई तथा स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम में गिरावट देखी गई। मांग बढ़ने के बीच जहां मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया, वहीं सुस्त कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम स्थिर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे लगभग दो प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हो गया। मलेशिया एक्सचेंज सोमवार को भी बंद रहेगा। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली गिरावट है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि हाल के दिनों में सोयाबीन का आयात घटने के कारण खाद्य तेलों की आपूर्ति कम है। मांग बढ़ने के बीच सोयाबीन तिलहन का दाम एमएसपी से 3-4 प्रतिशत अधिक हो चला था। विगत कुछ दिनों की निरंतर तेजी के बीच कारोबारियों ने सोयाबीन तिलहन में मुनाफावसूली की जिससे बाजार की कारोबारी धारणा पर बुरा असर आया और कई अन्य तेल-तिलहनों के दाम दबाव में आ गये। मुनाफावसूली के बावजूद सोयाबीन तिलहन का दाम एमएसपी के आसपास बना हुआ है।

सूत्रों ने कहा कि देश के आयातकों द्वारा लागत से कम दाम पर बंदरगाहों पर काफी समय से हो रही बिकवाली और घाटे के इस लंबे समय के कारोबार के बाद दिसंबर, 2025 और जनवरी, 2026 में सोयाबीन डीगम तेल का आयात कम हुआ है। फरवरी में इसका आयात कम रहने की आशंका है। इस कमी को कैसे दूर किया जायेगा, इस पर विचार करने की आवश्यकता होगी। मुनाफावसूली होने के बावजूद बाजार में आपूर्ति की दिक्कत बनी हुई है। इस कारण आगे तेजी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस बीच, प्रमुख खाद्य तेल संगठन, साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने अपनी बजट अपेक्षाओं में सरकार से मांग की है कि खाद्य तेलों के मामले में आयात पर निर्भरता ठीक नहीं है और इस निर्भरता को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिये। इसके अलावा, एसईए ने नेपाल से खाद्य तेलों के शुल्क मुक्त आयात को भी नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,175-7,200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,925-7,300 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,480-2,580 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,480-2,625 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,900 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,750-5,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,350-5,400 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय