सुरक्षा ऑडिट कराने के मेरे पत्रों को नजरअंदाज किया गया: नागपुर विस्फोट पर पूर्व मंत्री देशमुख

सुरक्षा ऑडिट कराने के मेरे पत्रों को नजरअंदाज किया गया: नागपुर विस्फोट पर पूर्व मंत्री देशमुख

सुरक्षा ऑडिट कराने के मेरे पत्रों को नजरअंदाज किया गया: नागपुर विस्फोट पर पूर्व मंत्री देशमुख
Modified Date: March 1, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: March 1, 2026 10:06 pm IST

नागपुर, एक मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख ने रविवार को दावा किया कि विस्फोटक बनाने वाली कंपनियों में सुरक्षा ऑडिट न कराने की लापरवाही के कारण नागपुर जिले में ऐसी इकाइयों में विस्फोटों की संख्या में वृद्धि हुई है।

उनका यह बयान रविवार सुबह कटोल तहसील के राउलगांव में खनन और औद्योगिक विस्फोटक निर्माता एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में हुए भीषण विस्फोट के संदर्भ में आया है, जिसमें 18 लोग मारे गए और 24 घायल हो गए।

कटोल के पूर्व विधायक देशमुख ने कहा कि उन्होंने छह महीने पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्रियों, पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर नागपुर में ऐसी कंपनियों के सुरक्षा ऑडिट का अनुरोध किया था, लेकिन इस मामले को नजरअंदाज कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि जिले के बाजारगांव स्थित कारखानों में हुए विस्फोटों के बाद उन्होंने पत्र लिखा था।

देशमुख ने जोर देकर कहा, ‘‘यह एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन सुरक्षा ऑडिट की पूर्ण उपेक्षा के कारण आज ऐसी बड़ी घटना घटी है। यदि सुरक्षा ऑडिट समय पर किया गया होता तो आज की त्रासदी को टाला जा सकता था।’’

उन्होंने कहा कि एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुआ विस्फोट दुखद और चौंकाने वाला है और इसने इस क्षेत्र और इलाके के श्रमिकों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

राकांपा (शप) नेता ने आरोप लगाया, ‘‘यह स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने सुरक्षा ऑडिट की मांग को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। पीईएसओ का राष्ट्रीय मुख्यालय नागपुर में ही है, फिर भी यहां बड़े विस्फोट की घटनाएं हो रही हैं। यह एक गंभीर मामला है। बार-बार होने वाली दुर्घटनाएं सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करती हैं।’

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश


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