नायडू ने मिसाइल हमले में मारे गए आंध्र प्रदेश के नाविक के परिवार को मदद का भरोसा दिया

नायडू ने मिसाइल हमले में मारे गए आंध्र प्रदेश के नाविक के परिवार को मदद का भरोसा दिया

नायडू ने मिसाइल हमले में मारे गए आंध्र प्रदेश के नाविक के परिवार को मदद का भरोसा दिया
Modified Date: June 12, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: June 12, 2026 8:49 pm IST

अमरावती, 12 जून (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ओमान के तट के निकट एक वाणिज्यिक जहाज पर मिसाइल हमले में विशाखापत्तनम के मुख्य अभियंता सुरेश पटनला की मौत पर शुक्रवार को शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को उनके परिवार को हर संभव सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिये।

सुरेश ओमान तट के नजदीक एक तेल टैंकर पर हुए हमले में मारे गए भारतीय चालक दल के तीन सदस्यों में शामिल थे।

अधिकारियों ने कहा कि जहाज फिलहाल समुद्र तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर फंसा हुआ है और ओमान के अधिकारियों ने उसे बंदरगाह तक लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

नायडू ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘राज्य सरकार परिवार के साथ खड़ी रहेगी और हर आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।’’

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, नयी दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और केंद्र सरकार, ओमान सरकार और भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है।

सुरेश की पत्नी भार्गवी ने कहा कि उन्हें ओमान स्थित भारतीय दूतावास से फोन आया था। उन्होंने बताया कि उन्हें बताया गया कि अधिकारी लगातार मामले पर नजर रख रहे हैं और जैसे-जैसे कोई नयी जानकारी सामने आएगी, उसे परिवार के साथ साझा किया जाएगा।

भार्गवी ने अधिकारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके पति का पार्थिव शरीर भारत लाये जाने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी की जानी है।

उन्होंने कहा कि क्योंकि जहाज चलने की स्थिति में नहीं था, इसलिए शव को निकालने की प्रक्रिया में 18 घंटे से अधिक समय लगने की उम्मीद है और पार्थिव शरीर को शनिवार शाम को तट तक लाया जा सकता है।

आंध्र प्रदेश सरकार की भूमिका का उल्लेख करते हुए भार्गवी ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारी मामले को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं और प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास कर रहे हैं।

भार्गवी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों के आभारी हैं, जो स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और हमारे परिवार को समर्थन दे रहे हैं। अधिकारी हमें नियमित रूप से जानकारी दे रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं, जिससे इस मुश्किल समय में हमें ढांढस मिला है।’’

भाषा

देवेंद्र धीरज

धीरज


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