Nida Khan Nashik News / Image Source : X
नासिक : नासिक स्थित आईटी के बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों के बीच नया मोड़ आया है। आरोपी निदा खान के वकील और उनके परिजनों ने आरोपों को राजनीतिक बताते हुए फर्जी करार दिया है। इस मामले में अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। फ़िलहाल सुरक्षा को देखते हुए कंपनी के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे दी गई है।
निदा खान के वकील बाबा सैय्यद ने स्पष्ट किया कि एफआईआर में जबरन धर्म परिवर्तन का कोई जिक्र नहीं है, बल्कि केवल धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है। उन्होंने यह भी साफ किया कि निदा एचआर हेड नहीं, बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थीं। वहीं, निदा के पिता और चाचा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनकी बेटी को किसी अन्य मामले को दबाने के लिए फंसाया जा रहा है।
परिवार के बताया की निदा फिलहाल भिवंडी में अपने ससुराल में हैं और वह गर्भवती हैं। पिता ने दावा किया कि निदा ने कभी किसी के धर्म के बारे में गलत नहीं कहा और वह सभी धर्मों का सम्मान करती हैं। पुलिस ने निदा के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जो निदा के उनके साथ रह रहे थे।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल धार्मिक नहीं बल्कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न का भी है। दर्ज शिकायतों में आरोप है कि कर्मचारियों पर जबरन नॉन-वेज खाने का दबाव बनाया गया और धर्मांतरण करने के लिए मजबूर किया गया। निदा खान पर एक महिला कर्मचारी को शिकायत करने से रोकने का भी आरोप है। यूनिट के संचालन को लेकर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि काम पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ऑफिस से काम करने की छूट दी गई है।
#WATCH | Nashik, Maharashtra | Advocate Baba Sayyad representing Nida Khan, one of the accused in the Nashik TCS case, says, “… If you look at the FIR, there are no mentions of forced religious conversion… I don’t know why she’s being portrayed as the mastermind when her… pic.twitter.com/ceLWv6pkNT
— ANI (@ANI) April 17, 2026
इन्हे भी पढ़ें:-