गिग वर्कर्स के लिए जल्द राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित किया जाएगा: महाराष्ट्र के श्रम मंत्री
गिग वर्कर्स के लिए जल्द राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित किया जाएगा: महाराष्ट्र के श्रम मंत्री
मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने ‘गिग’ और ‘प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ के हितों के लिए एक सामाजिक सुरक्षा संहिता पेश की है, जिसमें उनके लिए एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित करने का प्रावधान है।
‘गिग वर्कर्स’ उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्थायी होता है। ‘प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ वे होते हैं जो डिजिटल या ऑनलाइन मंच के जरिए काम करते हैं।
मंत्री ने विधानसभा को अवगत कराया कि बोर्ड ऐसे श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवा, बीमा और परिवार कल्याण लाभ प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने सभी राज्यों को इस संहिता के प्रावधानों का पालन करने और उन्हें लागू करने का निर्देश दिया है।
फुंडकर, कांग्रेस विधायक हेमंत ओगले के एक सवाल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अतुल भातखलकर द्वारा पूछे गए एक पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘गिग और ‘प्लेटफॉर्म’ वर्कर्स को पहले कभी “कर्मचारी” का दर्जा नहीं मिला था। उन्हें डिलीवरी के हिसाब से भुगतान पाने वाले कारोबारी साझेदार माना जाता था। नवंबर 2025 से लागू सामाजिक सुरक्षा संहिता ने पहली बार ‘गिग’ और ‘प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ की स्थिति को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है।’’
फुंडकर ने शनिवार को कहा कि जब राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की स्थापना हो जाएगी तब राजस्थान व कर्नाटक में बनाए गए राज्य-विशिष्ट कानून स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे।
एक अन्य उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुंबई में ‘नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन’ (एनटीसी) की बंद मिलों के श्रमिकों के लंबित बकाये का भुगतान करने के लिए निगम के अधिकारियों के संपर्क में है।
उन्होंने कहा कि मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार एक साल के भीतर बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि कोविड-19 के बाद मुंबई में एनटीसी की चार मिल बंद रहीं और श्रमिक संघों ने अपना वेतन पाने के लिए औद्योगिक न्यायाधिकरण और उच्च न्यायालय का रुख किया था।
भाषा प्रचेता खारी
खारी

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