राकांपा के दोनों गुटों के नेता लेंगे विलय पर फैसला: फडणवीस

राकांपा के दोनों गुटों के नेता लेंगे विलय पर फैसला: फडणवीस

राकांपा के दोनों गुटों के नेता लेंगे विलय पर फैसला: फडणवीस
Modified Date: February 10, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: February 10, 2026 5:07 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दोनों गुटों के नेता विलय के मुद्दे को सुलझाएंगे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस पर तभी टिप्पणी करेगी, जब कोई निर्णय ले लिया जाएगा।

फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने पिछले महीने राकांपा प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद आज कैबिनेट की पहली बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और सुनेत्रा पवार का स्वागत किया। उनके (सुनेत्रा के) नेतृत्व में राकांपा ने जिला परिषद चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। राकांपा के दोनों गुटों के विलय का निर्णय संबंधित दलों को लेना है। भाजपा इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया (विलय के) फैसले के बाद देगी।’’

पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है और उन्होंने आवंटित विभागों का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

अजित पवार की मृत्यु के बाद, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) के नेताओं ने दावा किया था कि दोनों गुटों के विलय को लेकर वार्ता काफी आगे पहुंच गयी थी और इसकी घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय कर ली गई थी।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भगवत के बारे में की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, फडणवीस ने कहा कि संघ के शताब्दी समारोह कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए गए लोग बुरा मान रहे हैं और आलोचना का सहारा ले रहे हैं।

राज ठाकरे ने भागवत की आलोचना करते हुए कहा कि अगर संघ प्रमुख को लगता है कि अपनी भाषा के लिए विरोध करना एक ‘बीमारी’ है तो देश के अधिकांश राज्य इससे पीड़ित हैं।

फडणवीस ने कहा, ‘‘जिन लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया था, वे नाराज हैं, इसलिए वह (ठाकरे) आलोचना का सहारा ले रहे हैं। आरएसएस का कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को 100 वर्ष पूरा कर चुके इस संगठन के बारे में जानकारी देने और उनसे संवाद स्थापित करने के लिए आयोजित किया गया था। जिन लोगों को निमंत्रण नहीं मिला, वे नाराज हैं।’’

चंद्रपुर में भाजपा द्वारा शिवसेना (उबाठा) के समर्थन से कांग्रेस को मात देकर महापौर पद जीतने के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह घटनाक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद इस पर बात करेंगे।

भाषा

सुरेश दिलीप

दिलीप


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