कभी शाहरुख खान से मादक पदार्थ मामले में उनके बेटे को बख्शने के लिए रिश्वत नहीं मांगी: वानखेड़े

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कभी शाहरुख खान से मादक पदार्थ मामले में उनके बेटे को बख्शने के लिए रिश्वत नहीं मांगी: वानखेड़े

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 03:26 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 03:26 PM IST

मुंबई, 23 मार्च (भाषा) मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई जोन के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े ने सोमवार को मुंबई उच्च न्यायालय में कहा कि उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान से उनके बेटे आर्यन खान को मादक पदार्थ मामले में राहत देने के लिए कभी कोई रिश्वत नहीं मांगी और न ही ली।

वानखेड़े के वकील आबाद पोंडा मई 2023 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर दलील दे रहे थे, जिसमें उन पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं।

पोंडा ने मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति सुमन श्याम की पीठ को बताया कि वानखेड़े ने शाहरुख खान से कभी कोई रिश्वत नहीं मांगी और न ही ली।

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, वानखेड़े और अन्य आरोपियों ने अभिनेता से उनके बेटे को मादक पदार्थ मामले में क्लीन चिट देने के लिए कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, पोंडा ने अदालत को बताया कि सीबीआई के पास यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि वानखेड़े ने रिश्वत मांगी या ली।

वकील ने कहा कि एनसीबी को कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर कथित मादक पदार्थ की सूचना मिली थी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तलाशी ली गई और आर्यन खान समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रखने की बात कही है।

सीबीआई ने वानखेड़े और अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश (आईपीसी की धारा 120-बी), जबरन वसूली की धमकी (धारा 388) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

आर्यन खान को दो अक्टूबर 2021 को कॉर्डेलिया क्रूज पर कथित मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में एनसीबी ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, लेकिन आर्यन खान को ‘क्लीन चिट’ दे दी थी।

इस मामले में वर्ष 2021 में एक नया मोड़ आया, जब एक ‘स्वतंत्र गवाह’ ने दावा किया कि एनसीबी के एक अधिकारी और अन्य लोगों ने आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी।

इसके बाद एनसीबी ने वानखेड़े और अन्य के खिलाफ आंतरिक जांच की और इसकी रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी, जिसके आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी वानखेड़े के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था।

भाषा

राखी नरेश

नरेश