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मुंबई, 10 जून (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी शिवसेना कभी ऐसी स्थिति में नहीं रही है जहां उसे भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में नीचा दिखाया गया हो।
उन्होंने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति में घटक शिवसेना को हमेशा सम्मान मिलता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या छोटी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ कमतर की तरह व्यवहार किया जाता है तब उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया है। आज, जब भी राजग की बैठक होती है, तो शिवसेना को सम्मान मिलता है।’’
शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसी भी पार्टी को सिर्फ़ इसलिए नीचा नहीं दिखाते कि उसकी मौजूदगी कम है, बल्कि वह तो गठबंधन को मज़बूत करने के लिए काम करते हैं।
बुधवार को राजग की बैठक से पहले, शिंदे ने कहा कि उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के लिए मोदी को बधाई देने वाला प्रस्ताव पेश करने का मौका भी मिला।
उन्होंने कहा कि शिव सेना केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार की एक अहम सहयोगी पार्टी है।
शिंदे ने कहा कि मोदी ने पिछले 12 सालों में एक भी छुट्टी नहीं ली है और आने वाले सालों में भी वह देश का नेतृत्व करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि 2014 से मोदी ने देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है, उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया है और इसे दुनिया में तीसरे स्थान पर ले जाने का संकल्प लिया है।
शिंदे ने कहा कि राज्य स्तर पर, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जब भी ज़रूरत पड़ी, महाराष्ट्र को हर संभव मदद दी है।
उन्होंने मोदी के साथ अपने निजी संबंधों का भी ज़िक्र किया।
शिंदे ने बताया कि हाल में ठाणे के मुरबाड जाने के क्रम में जब उनके हेलिकॉप्टर को खराब मौसम के कारण मुंबई वापस लौटना पड़ा, तो मोदी ने उनका हाल-चाल जानने के लिए फ़ोन किया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के उनके सांसद बेटे श्रीकांत और पोते रुद्रांश के साथ भी अच्छे संबंध हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को शिवसेना के मंत्रियों ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के हालिया उद्घाटन समारोह में शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को आमंत्रित न किए जाने पर नाराज़गी जताई थी।
सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक में उन्हें बताया कि उन्होंने इस चूक की जांच के आदेश दिए हैं।
फडणवीस ने छह जून को इस मूर्ति का अनावरण किया था।
भाषा राजकुमार प्रशांत
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