मुंबई, पांच अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंधे ने बुधवार को नागपुर के प्रसिद्ध ‘सावजी’ मटन पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया। रेस्तरां के मालिकों ने मुंधे की उनकी टिप्पणी के लिए तीखी आलोचना की थी।
मुंधे ने हाल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर उनके जैसा कोई व्यक्ति सावजी का खाना खा ले, तो उसे कम से कम एक महीने के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इतना ज़्यादा तेल वाला खाना खाने से दिल की बीमारी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
मुंधे ने बुधवार को मुंबई के उपनगरीय इलाके बांद्रा स्थित अपने कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘वे मेरी निजी टिप्पणियां थीं। माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।’’
‘सावजी’ समाज के सदस्यों का कहना है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी के बयान से उस पाक-कला परंपरा की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, जो नागपुर की पहचान से गहराई से जुड़ी हुई है।
‘सावजी मटन’ एक बहुत तीखा व्यंजन है, जिसे स्थानीय समुदाय बनाता है। इसे बनाने के लिए भुने हुए साबुत मसालों, सूखे नारियल और ज़्यादा तेल का इस्तेमाल करके एक गाढ़ी और तीखी तरी तैयार की जाती है।
भाषा धीरज दिलीप
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