प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोग सड़क पर उतरे, महिला से बदसलूकी को लेकर पुलिस पर उठे सवाल
प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोग सड़क पर उतरे, महिला से बदसलूकी को लेकर पुलिस पर उठे सवाल
मुंबई, 24 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुंबई के मध्य दादर इलाके में शुक्रवार को शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के बैनर तले हजारों प्रदर्शनकारी जुटे और उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के कथित प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके से आग्रह किया है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे महाराष्ट्र वापस न लौटें।
वहीं, मुंबई पुलिस को एक बार फिर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में पुलिस का एक अधिकारी एक महिला कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहा है।
पुलिस ने दावा किया कि अधिकारी की कार्रवाई को “गलत तरीके से समझा जा रहा है”, जबकि विपक्ष ने अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की।
हाथों में तिरंगा व तख्तियां लिए हजारों छात्र और कार्यकर्ता दादर इलाके के प्रसिद्ध शिवाजी पार्क मैदान में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा आयोजित ‘तिरंगा मोर्चा’ में शामिल हुए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार के पास ‘लाठियों’ की ताकत है, जबकि प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘तिरंगे’ हैं।
प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाही और पेपर लीक से आजादी” के नारे लगाए।
इस दौरान पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ बज रहा था।
इनमें से कुछ लोग भगत सिंह और डॉ. बी. आर. आंबेडकर के पोस्टर भी लिए हुए थे।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, “यह ‘जन की बात’ है और दिल्ली को इसे सुनना होगा। जिस तरह से विद्यार्थियों पर हमला किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, मैं सरकार को चेतावनी दे रहा हूं, आपके पास लाठियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे हाथों में तिरंगे हैं। देखते हैं जीत किसकी होती है।”
आदित्य ठाकरे ने कहा कि भले ही कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया हो, लेकिन प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने दीपके को फोन कर कहा है कि जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे महाराष्ट्र में अपने घर वापस न लौटें।
उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई की परवाह किए बिना वे शिवाजी पार्क में स्वतंत्र रूप से प्रदर्शन करें।
आदित्य ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए एक नारे को दोहराते हुए कहा कि जब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डर जाते हैं, तो वह हिंदू-मुस्लिम और धर्म की बात करने लगते हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और पार्टी नेता अमित ठाकरे ने कहा कि ‘जेन-जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है।
महाराष्ट्र में एक पुलिसकर्मी द्वारा छात्र प्रदर्शनकारी को मादक पदार्थों से जुड़े फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दिये जाने को लेकर किरकिरी झेल रही मुंबई पुलिस शुक्रवार को एक बार फिर निशाने पर आ गई।
एक वायरल वीडियो में सादे कपड़ों में मौजूद एक पुलिसकर्मी राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितता के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करता दिख रहा है।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा-नीत महायुति सरकार के शासन में ‘पुलिस राज’ राज्य पर एक धब्बे की तरह है।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर ‘दुर्योधन’ की तरह व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।
यह घटना इस सप्ताह की शुरुआत में शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर हुई थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस बात से इनकार किया कि अधिकारी की मंशा गलत थी।
पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन) अकबर पठान ने भी बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो फुटेज का बारीकी से आकलन किया है।
पठान ने बताया, ‘‘पुलिसकर्मी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था और उसका ध्यान दूसरी ओर था। इसी दौरान एक महिला बीच में आ गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी तथ्यों की पुष्टि की है और सच्चाई का पता लगाने के लिए वीडियो का बारीकी से आकलन किया है।’’
विपक्षी नेताओं द्वारा यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद पुलिस ने यह सफाई दी।
सपकाल ने फडणवीस पर ‘दुर्योधन’ की तरह व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा, “देवाभाऊ ‘दुर्योधन’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। पुलिस पहले विद्यार्थियों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रही थी और अब दादर में एक महिला से कथित तौर पर बदसलूकी करने तथा युवा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने तक पहुंच गई है। यह ‘पुलिस राज’ महाराष्ट्र पर एक धब्बा है। केवल औपचारिक कार्रवाई काफी नहीं है। विद्यार्थियों को धमकी देने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाना चाहिए।”
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष एवं लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड़ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल उठाया कि महिला प्रदर्शनकारियों को संभालने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के बजाय पुरुष पुलिसकर्मियों को क्यों लगाया गया।
गायकवाड़ ने लिखा, “मुंबई में प्रदर्शन के दौरान एक युवती के साथ जो हुआ, वह बेहद पीड़ादायक है। ‘लाड़की बहिन’ की बात करना और फिर युवतियों के साथ इस तरह का व्यवहार करना सही नहीं है। छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर महिलाओं के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार होना शर्मनाक है। छात्रों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें धमकाया जा रहा है।”
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के विधायक रोहित पवार ने वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित करने और गिरफ्तार करने की मांग की।
पवार ने कहा, “यह वीडियो गुस्सा दिलाने वाला है। यह व्यक्ति कौन है? अगर यह पुलिसकर्मी है, तो इसे तुरंत निलंबित किया जाए या पुलिस बल से बर्खास्त किया जाए। इसके खिलाफ महिला की गरिमा भंग करने का मामला दर्ज कर इसे जेल भेजा जाए। यह अपनी उत्कृष्ट प्रतिष्ठा के लिए पहचानी जाने वाली महाराष्ट्र पुलिस पर एक दाग है।”
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से बल का इस्तेमाल किया जाना भीड़ प्रबंधन के बजाय ‘बदले’ की कार्रवाई लगती है।
राज ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के विरुद्ध बल प्रयोग के आरोपों को लेकर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि अगर शारीरिक सजा देने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो यही नियम उन पुलिसकर्मियों पर भी लागू होना चाहिए, जिन्होंने छात्रों के साथ मारपीट की और उन लोगों पर भी यह नियम लागू होता है, जिन्होंने उन्हें ऐसा करने का आदेश दिया।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप

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