पुणे किला हत्याकांड: सिया गोयल के परिजनों के इनकार के बाद वकील ने भेजा नोटिस

पुणे किला हत्याकांड: सिया गोयल के परिजनों के इनकार के बाद वकील ने भेजा नोटिस

पुणे किला हत्याकांड: सिया गोयल के परिजनों के इनकार के बाद वकील ने भेजा नोटिस
Modified Date: July 1, 2026 / 12:45 am IST
Published Date: July 1, 2026 12:45 am IST

पुणे, 30 जून (भाषा) पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले में सह-आरोपी सिया गोयल के परिवार द्वारा एक वकील को उसका बचाव पक्ष का अधिवक्ता नियुक्त किए जाने से इनकार करने के एक दिन बाद, संबंधित वकील ने मंगलवार को सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा।

पिछले कुछ दिनों से वकील आशुतोष श्रीवास्तव खुद को सिया का पक्ष रखने वाला अधिवक्ता बता रहे थे और समाचार चैनलों को उसके कानूनी सलाहकार के रूप में साक्षात्कार भी दे रहे थे। हालांकि, सोमवार को सिया और उसके परिवार ने वडगांव मावल अदालत में उनके दावे से इनकार कर दिया और सिया की ओर से पैरवी के लिए अधिवक्ता विपुल दुशिंग को नियुक्त किया।

इसके बाद श्रीवास्तव ने लोगों को “गुमराह” करने का आरोप लगाते हुए सिया के भाई साहिल को मानहानि का नोटिस भेजा और उनसे माफी की मांग की।

श्रीवास्तव ने कहा, “हमने साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। हमने उनका एक बयान सुना, जिसमें उन्होंने पूरी तरह झूठे आरोप लगाए, असत्य बातें कहीं और जनता को गुमराह करने की कोशिश की।”

उन्होंने कहा, “जहां तक आरोपी सिया गोयल का सवाल है, उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी जरूरी कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं और हमें अधिकृत किया है। ‘वकालतनामा’ सहित वे दस्तावेज पहले ही अदालत में दाखिल किए जा चुके हैं। उन्होंने हमें उच्च न्यायालय में भी अपना पक्ष रखने के लिए अधिकृत किया है और हम आगे भी उन कार्यवाहियों की निगरानी करते रहेंगे।”

उन्होंने कहा कि उनकी साहिल गोयल से किसी भी प्रकार की कोई बातचीत नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, “हमने उनसे कभी बात नहीं की, किसी विषय पर कोई संवाद नहीं हुआ और न ही कोई ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। इसलिए इस तरह का बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना, मानहानिकारक और सीधे तौर पर वकील समुदाय पर हमला है।”

सोमवार को अदालत कक्ष में उस समय भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जब अधिवक्ता श्रीवास्तव और अधिवक्ता दुशिंग दोनों ने खुद को सिया का वकील बताते हुए पेश किया।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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