पुणे शराब त्रासदी ने महाराष्ट्र सरकार की विफलता उजागर की : कांग्रेस नेता

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पुणे शराब त्रासदी ने महाराष्ट्र सरकार की विफलता उजागर की : कांग्रेस नेता

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 06:04 PM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 06:04 PM IST

मुंबई, पांच जून (भाषा) कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में हाल में 22 लोगों की जिंदगी छीन लेने वाली पुणे की शराब त्रासदी ने राज्य सरकार की उन सिफारिशों को लागू करने में विफलता को उजागर किया है जो 2015 में उत्तरी मुंबई के मालवानी में हुई एक बड़ी घटना के बाद की गई थीं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सावंत ने कहा कि पुणे की घटना सरकार की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुलिस, आबकारी और अन्य विभागों के 26 कर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई नाकाफी है और इससे व्यवस्थागत विफलताओं के व्यापक मुद्दे का समाधान नहीं हुआ।

कांग्रेस सचिव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मालवानी समिति की सिफारिशों का क्या हुआ? देवेंद्र फडणवीस सरकार को इसका खुलासा करना ही चाहिए। पुणे जहरीली शराब त्रासदी केवल स्थानीय प्रशासन की विफलता नहीं है, बल्कि यह इस बात की परख है कि क्या सरकार ने पिछली आपदाओं से कोई सबक सीखा है?’’

उन्होंने कहा कि मालवानी की घटना में 106 लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद राज्य सरकार ने अवैध शराब बनाने एवं उसकी बिक्री पर अंकुश लगाने का उपाय सुझाने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी और गृह विभाग ने 17 फरवरी, 2022 को सभी विभागों को समिति की सिफारिशों को लागू करने के निर्देश जारी किए थे।

उन्होंने कहा कि इनमें पुलिस और आबकारी अधिकारियों द्वारा मेथनॉल उत्पादन और उसकी ढुलाई पर कड़ा नियंत्रण, अवैध शराब इकाइयों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई और इस धंधे में शामिल संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कड़े उपाय शामिल थे।

सावंत ने कहा, ‘‘इन सिफारिशों के बावजूद, ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, जिसका मतलब है कि राज्य सरकार सभी विफल रही है।’’

सावंत ने मांग की कि सरकार मालवानी समिति द्वारा की गई प्रत्येक सिफारिश के कार्यान्वयन पर एक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करे और लंबित उपायों को लागू करने में देरी के कारणों पर स्पष्टीकरण दे।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश