महाराष्ट्र : सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति को 77.57 लाख रुपये का मुआवजा

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महाराष्ट्र : सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति को 77.57 लाख रुपये का मुआवजा

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 03:47 PM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 03:47 PM IST

ठाणे, पांच जून (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2020 में एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 34 वर्षीय ‘कॉर्पोरेट एक्जीक्यूटिव’ के परिवार को 77.57 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

न्यायाधिकरण के सदस्य आर. वी. मोहिते ने तीन जून को पारित अपने आदेश में एक निजी बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह पहले मुआवजे का भुगतान करे और बाद में इसे टेम्पो मालिक अतुल मोहन दरंदले से वसूले, क्योंकि उसके चालक नबीसाहब के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

यह दुर्घटना 16 फरवरी, 2020 को मुंबई-नासिक रोड पर कैडबरी चौक के पास हुई थी, जब टेम्पो ने जॉन शिमोन श्रीसुंदर की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी।

एमएसीटी ने अपने आदेश में कहा, ‘‘दुर्घटना को टालने का आखिरी मौका उस वाहन के चालक के पास था जिससे दुर्घटना हुई। रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो मृतक की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही को दर्शाता हो। यह दुर्घटना पूरी तरह से टेम्पो चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुई।’’

बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि चालक के पास उपयुक्त ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जिसकी पुष्टि सड़क परिवहन अधिकारी ने भी की है। इसलिए पॉलिसी की शर्तों के जानबूझकर किए गए उल्लंघन के कारण वह मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी नहीं है।

हालांकि, न्यायाधिकरण ने व्यवस्था दी कि तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) के पीड़ितों को तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए।

न्यायाधिकरण ने लंबित तलाक याचिका के आधार पर श्रीसुंदर की पत्नी शीतल को मुआवजा देने से इनकार करने की दलीलों को भी खारिज कर दिया।

एमएसीटी की पीठ ने कहा, ‘‘जॉन श्रीसुंदर के निधन तक उनका तलाक नहीं हुआ था। तलाक की याचिका लंबित होने मात्र से विरोधी पक्ष (पत्नी) मुआवजे पाने के अधिकार से वंचित नहीं हो जाती। ऐसी परिस्थितियों में, वह मुआवजा पाने की हकदार हैं।’’

एमएसीटी ने मृतक की पत्नी को कुल 77,57,657 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

भाषा रवि कांत रवि कांत पवनेश

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