पुणे, 11 अप्रैल (भाषा) पुणे के सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में 19 वर्षीय एक मुस्लिम छात्र पर ‘लव जिहाद’ में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर हमला करने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह घटना रविवार दोपहर को हुई जब पीड़ित दो छात्राओं के साथ राज्य संचालित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) के परिसर में था।
‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी कार्यकर्ता और संगठन, मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं को शादी के जरिये इस्लाम में धर्म परिवर्तित करने की साजिश का आरोप लगाने के लिए करते है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘छात्र दो महिला मित्रों के साथ भोजन करके लौट रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर चार-पांच अज्ञात व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में उनके पास पहुंचे।’
उन्होंने छात्र से पूछताछ शुरू की और उससे अपना आधार कार्ड दिखाने को कहा।
पुलिस ने बताया कि अपनी शिकायत में पीड़ित, जो विश्वविद्यालय में कौशल विकास पाठ्यक्रम का छात्र है, ने आरोप लगाया कि आधार कार्ड पर उसका नाम देखने के बाद एक व्यक्ति ने पूछा कि क्या वह विश्वविद्यालय में ‘लव जिहाद’ करने आया है इसके बाद उन्होंने उस पर हमला कर दिया।
बुधवार को पीटीआई-भाषा से बात करते हुए पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा, ‘हमने घटना को गंभीरता से लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों का पता लगा लिया गया है और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।’
उन्होंने कहा, ‘आरोपी किसी दूसरे जिले के रहने वाले हैं। टीमें भेज दी गई हैं और उन्हें पकड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।’
एसपीपीयू के पंजीयक विजय खरे ने पहले कहा था कि विश्वविद्यालय ने घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है और संस्थान में तैनात सुरक्षा कर्मियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि असामाजिक तत्वों द्वारा छात्रों को धमकी दिए जाने की ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
भाषा योगेश मनीषा
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