एसबीआई के सेवानिवृत्त एमडी से 1.60 करोड़ रुपये की ठगी

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एसबीआई के सेवानिवृत्त एमडी से 1.60 करोड़ रुपये की ठगी

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  • Publish Date - September 30, 2025 / 10:24 PM IST,
    Updated On - September 30, 2025 / 10:24 PM IST

नागपुर, 30 सितंबर (भाषा) नागपुर में सार्वजनिक क्षेत्र के एक प्रमुख बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंध निदेशक (एमडी) को ‘शेयर ट्रेडिंग’ में निवेश पर उच्च लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने उनसे कथित तौर पर 1.60 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित द्वारा 21 सितंबर को शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने ठगों के खातों में स्थानांतरित 54 लाख रुपये को फ्रीज करने में कामयाबी हासिल की।

शिकायतकर्ता एसबीआई के एमडी रह चुके हैं। उन्हें 18 अप्रैल को एक महिला का व्हाट्सऐप पर मैसेज आया, जिसने अपना नाम ईशा अरोड़ा बताया। उसने उन्हें एक शेयर ट्रेडिंग ग्रुप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जिसका संचालन अजय कृष्णा नाम का शख्स करता है और वह खुद को ‘गोल्ड स्टॉक मेंटर’ बताता था।

पुलिस ने बताया कि ग्रुप में कृष्णा निवेश संबंधी सलाह देता था और अच्छे लाभ का वादा करता था।

पीड़ित ने तीन जुलाई को एक डीमैट खाता खोला और शुरुआत में 50,000 रुपये का निवेश किया। कुछ ही दिनों में खाते में पांच प्रतिशत का ‘मुनाफा’ दिखाई दिया, जिससे उसे और निवेश करने का प्रोत्साहन मिला।

प्राथमिकी में कहा गया है कि 21 अगस्त को उसे 120 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 2,58,332 शेयर खरीदने की सलाह दी गई, जिनकी कीमत लगभग चार करोड़ रुपये थी।

उस समय उनके खाते में 1.92 करोड़ रुपये थे। हालांकि, जालसाजों ने उन्हें बताया कि उनकी यह हरकत सेबी के नियमों का उल्लंघन है और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और यहां तक कि जेल भी हो सकती है। ठगों ने 87 लाख रुपये के ऋण की व्यवस्था करके एक ‘समाधान’ की पेशकश की।

जब पीड़ित ने शेयर बेचने की कोशिश की, तो आरोपियों ने ‘पूंजीगत लाभ कर’ के नाम पर अतिरिक्त भुगतान की मांग की। जब उन्होंने आधिकारिक दस्तावेज मांगे, तो ठगों ने मना कर दिया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने 21 सितंबर को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।

शिकायतकर्ता ने कुल नुकसान 1.60 करोड़ रुपये बताया है। पुलिस ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

भाषा नोमान संतोष

संतोष