मुबई, 20 मई (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को स्वयंभू बाबा अशोक खरात को 70 करोड़ रुपये के कथित धन शोधन मामले में 26 मई तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।
पहले से ही दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे खरात को धन शोधन मामले में ईडी द्वारा मंगलवार को गिरफ्तारी किए जाने के बाद अदालत में पेश किया गया।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने विस्तृत जांच के लिए उसकी 10 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।
ईडी ने छह अप्रैल को खरात के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई नासिक पुलिस की उस प्राथमिकी के आधार पर की गई, जिसमें खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने और महिलाओं को नशीले पदार्थों का सेवन कराके उन पर हमले संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
खरात के खिलाफ महिलाओं से दुष्कर्म और यौन शोषण से जुड़ी कई प्राथमिकियां दर्ज हैं। एक विवाहित महिला की ओर से तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद खरात को 18 मार्च को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किया गया था।
ईडी ने खरात पर बड़े पैमाने पर जबरन वसूली का नेटवर्क संचालित करने और बेनामी बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक के धन शोधन का आरोप लगाया है।
बेनामी बैंक खाते वे होते हैं जो किसी एक व्यक्ति के नाम पर खोले जाते हैं, जबकि उनमें धन किसी दूसरे व्यक्ति का होता है।
नासिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
इससे पहले वह नासिक में न्यायिक हिरासत में था और पेशी रिमांड पर मुंबई लाया गया था।
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खारी वैभव
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