नासिक, 26 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक जिले में शनिवार सुबह से रविवार तड़के तक भूकंप के कई हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि इनसे जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन झटकों को देखते हुए प्रशासन ने खतरनाक इमारतों की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन इलाकों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, जहां भूस्खलन की आशंका है।
नासिक स्थित महाराष्ट्र इंजीनियरिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईआरआई) ने बताया कि इन झटकों की तीव्रता करीब 3.6 थी।
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार सुबह सर्जना तहसील में झटके महसूस किए जाने के अलावा शनिवार देर रात और रविवार तड़के तक कलवण, सर्जना, दिंडोरी और पेठ तहसीलों में भी कई झटके महसूस किए गए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजकर 56 मिनट पर कलवण तहसील के दलवत तथा दिंडोरी तालुका के नानाशी और बड़गीचा पाड़ा क्षेत्रों में हल्के झटके महसूस किए गए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा, ‘शनिवार रात करीब 11 बजकर 55 मिनट पर सर्जना शहर और बोरगांव क्षेत्र में तथा शनिवार देर रात करीब 2 बजकर 45 मिनट पर सारद, चिखली और बोरगांव क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए।’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सारद स्थित सरकारी ‘आश्रमशाला’ की दीवारों में दरारें आ गई हैं।
जिलाधिकारी प्रसाद ने कहा कि नासिक के पश्चिमी हिस्सों में कुछ ‘फॉल्ट लाइन’ हैं, जिनके कारण इस तरह के झटके आते हैं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जमीन में पानी के रिसाव से बने दबाव ने भी इसमें भूमिका निभायी हो सकती है।
प्रसाद ने नागरिकों से अधिकृत एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
भाषा अमित संतोष
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